कोतवाली के लॉकअप में बंद युवक ने बुधवार को कलाई की नस काटकर खुदकुशी की कोशिश की। लॉकअप में बंद अन्य आरोपियों के शोर मचाने पर पुलिस खून से लथपथ युवक को आनन-फानन अस्पताल ले गई। बाद में युवक की जमानत के बाद उसे छोड़ दिया गया।
मेरठ निवासी ऋषि कुमार अपने दोस्त पहासू निवासी सलीम के साथ मंगलवार रात मोहल्ला कोटा निवासी आस मोहम्मद के घर रुका था। बताया जा रहा है कि रुपये के लेन-देन को लेकर उसका सलीम से झगड़ा हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों को हिरासत में लेकर कोतवाली आई थी।
बुधवार दोपहर तकरीबन 12 बजे किसी धारदार चीज से ऋषि ने अपने हाथ की नस काट ली। लॉकअप में बंद अन्य आरोपियों ने खून से लथपथ ऋषि को देखा तो शोर मचाया। शोरशराबा सुनकर पुलिस कर्मी लॉकअप की तरफ दौड़े। ऋषि के हाथ की कलाई से खून निकलता देख पुलिसकर्मियों के हाथ पांव फूल गए।
उसके कपड़े भी खून से भीग गए थे। आनन-फानन में पुलिस ऋषि को जटिया अस्पताल ले गई। जहां उपचार के बाद एसडीएम कोर्ट में जमानत के बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया।
मामले में कोतवाली प्रभारी धनंजय मिश्रा ने बताया मारपीट के आरोप में सलीम और ऋषि 151 धारा के तहत बंद थे। लोहेनुमा किसी चीज से युवक ने हाथ की नस काटी थी। एसडीएम कार्यालय में पेश करने के बाद वहां से जमानत मिल गई और आरोपियों को रिहा कर दिया। खुर्जा सीओ विजय प्रकाश ने बताया कि मामला जानकारी में है। जांच की जा रही है।
लॉकअप में धारदार चीज कैसे आई इसकी जांच की जा रही है। जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। - पंकज कुमार पांडेय, एसपी देहात