इस्माइला गांव में कांग्रेसी नेता शांति स्वरूप शर्मा की हत्या के बाद से गांव में हो रही गुटबंदी को खत्म करने के लिए प्रशासन ने बुधवार दोपहर दोनों समुदाय के लोगों की पंचायत बुलाई। साथ ही पंचायत में जाति बिरादरी से ऊपर उठकर अपराधियों का बहिष्कार करने का ऐलान किया।
जानकारी के अनुसार इस्माइला निवासी कांग्रेसी नेता शांति स्वरूप शर्मा की 29 अक्टूबर 2016 को सुशीला विहार में प्रधानी चुनावी रंजिश को लेकर गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। मामले में मृतक का पुत्र शुभम पैरवी कर रहा है। पिछले 3-4 दिन से गांव में फिर से रंजिश आग सुलग रही है। एक पक्ष पंडित और दूसरा पक्ष ठाकुर समाज से ताल्लुक रखता है।
दोनों पक्षों के बीच जातीय संघर्ष होने की आशंका के चलते बुधवार दोपहर गांव इस्माइला स्थित देवी मंदिर पर दोनों समुदाय के लोगों की पंचायत बुलाई गई। सीओ आलोक कुमार और इंस्पेक्टर औरंगाबाद अरविंद कुमार ने कहा कि अपराधी की कोई जाति बिरादरी नहीं होती है। ऐसे अपराधी को किसी भी सूरत में संरक्षण नहीं देना चाहिए।
इस दौरान ग्रामीणों ने साहिबाबाद थाने में तैनात पुलिसकर्मी पर साजिश रचने की शिकायत की। पुलिसकर्मी के भाई ने पुलिस अफसरों को भरोसा दिलाया कि वह अब गांव में तभी आएगा जब इस समस्या का समाधान हो जाएगा। पंचायत में पूर्व प्रधान महेश शर्मा, लाल सिंह, बिजयपाल सिंह, राजवीर सिंह, नेमपाल सिंह, राजकुमार शर्मा आदि ने ग्रामीणों से शांति बनाये रखने की अपील की।