कोतवाली क्षेत्र के गैसिंहपुर गांव में मंगलवार रात 10 से 12 डकैतों ने प्राइवेट शिक्षक के घर धावा बोल दिया। विरोध करने पर गृहस्वामी समेत चार लोगों को गोली मार दी। डकैत 15 लाख रुपये कीमत के जेवरात, 60 हजार रुपये, बीएसएफ जवान की लाइसेंस बंदूक व 24 कारतूस उठा ले गए।
पुलिस ने देर रात एक ग्रामीण को हिरासत में लिया है। गैसिंहपुर निवासी प्राइवेट स्कूल के शिक्षक अजीत कुमार सिंह का घर गांव में खेतों किनारे है। इसके पश्चिम साइड में फर्रुखाबाद में रह रहे रमेश सिंह का मकान है, जो बंद रहता है।
मंगलवार रात करीब 11 बजे 10 से 12 बदमाश अपने साथ लाई सीढ़ी से छत पर पहुंचे। गृहस्वामी की मां मधुलता व भाभी आशा देवी ने बताया कि आठ डकैत घर के अंदर घुसे, जबकि दो-तीन बदमाश छत पर व कुछ घर के बाहर रहे।
खटपट की आवाज हुई तो अजीत व उनका पुत्र भानू जाग गए। इस पर डकैतों ने दोनों के हाथ-पैर बांध दिए और असलहे तानकर शोर मचाने पर जान से मार डालने की धमकी दी। इसके बाद कुल्हाड़ी व तमंचों से लैस अन्य बदमाश भी घर में घुस आए।
एक घंटे तक घर का सारा सामान उलट-पुलट कर नकदी, जेवरात की लूटपाट की। इस दौरान इन लोगों ने विरोध किया और शोर मचाने की कोशिश की तो बदमाशों ने फायरिंग कर दी। गोली के छर्रे लगने से अजीत (45), उसकी बेटी (19), भानू (11) और आकांक्षा उर्फ सोना (13) लहूलुहान हो गए। फायरिंग के बाद गांव के लोग शोर मचाते हुए पहुंचने की बात कही तो बदमाश फायरिंग करते हुए भाग निकले। फायरिंगह
पीड़ितों के अनुसार डकैत डकैत दो सोने के हार, दो झुमकी, पांच जोड़ी झाले और टाप्स, दो सोने की जंजीर, आठ अंगूठियां, चार सोने के कंगन, दो चांदी के कमरबंद, चांदी के बर्तन सहित कई जेवर लूट ले गए।
बदमाश अजीत के बड़े भाई बीएसएफ जवान अशोक कुमार कुशवाह की दोनाली बंदूक, और मुख्य गेट की चाबी लेकर फरार हो गए।
शोर सुन इकट्ठा हुए ग्रामीणों
ने प्रधान मोनू राठौर व पुलिस को जानकारी दी। रात में ही कोतवाल प्रमोद शुक्ला ने पुलिस बल के साथ पहुंचकर छानबीन की।
तलाशी के दौरान बदमाशों की कुल्हाड़ी व अजीत का मोबाइल फोन एक खेत में पड़ा मिला। अजीत की तहरीर पर थाना पुलिस ने 10 से 12 बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।