हाईवे पर मां-बेटी के साथ गैंगरेप के मामले में एक अगस्त को जेल गए तीन आरोपियों की जमानत याचिका कोर्ट ने मंजूर कर ली है। कोर्ट ने उन्हें दो-दो लाख के दो जमानती दाखिल करने पर ही जमानत देने का आदेश दिया है। इसका आधार न्यायिक हिरासत में 90 दिन पूरे होने और इनके खिलाफ अब तक सीबीआई की ओर से कोई पुख्ता सबूत पेश ना होना बताया गया है।
हालांकि मामले में सात नवंबर को भी सुनवाई होनी है। वहीं शनिवार को सीबीआई ने नौ अगस्त को जेल गए तीन अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश कर दी है। बता दें कि 29 जुलाई 2016 की रात हाईवे पर मां-बेटी के साथ गैंगरेप की वारदात हुई थी। पुलिस ने एक अगस्त 2016 को आरोपी रईस, जबर सिंह और शाबेज को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
इसके बाद नौ अगस्त को पुलिस ने कन्नौज निवासी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके कुछ दिन बाद से सीबीआई मामले की जांच कर रही है। तब से अब तक आरोपियों की न्यायिक हिरासत कई बार बढ़ चुकी है। 30 अक्तूबर को सीबीआई को कोर्ट में चार्जशीट पेश करनी थी। लेकिन तब से तीन बार समय बढ़ चुका है।
बृहस्पतिवार दोपहर रईस, जबर सिंह और शाबेज के अधिवक्ता मोहम्मद असलम ने विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट न्यायाधीश ध्रुव कुमार तिवारी के न्यायालय में जमानत संबंधी प्रार्थना पत्र दिया था। जिस पर दो बार सुनवाई नहीं हो पाई थी।
आरोपियों के अधिवक्ता मोहम्मद असलम ने बताया कि शनिवार को सीबीआई टीम ने नौ अगस्त को जेल गए तीन आरोपियों सलीम, परवेज और साजिद के खिलाफ चार्जशीट पेश कर दी। वहीं न्यायाधीश ने एक अगस्त को जेल गए तीन आरोपियों रईस, जबर सिंह और शाबेज की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए जमानत याचिका मंजूर कर ली।
जिसके बाद न्यायाधीश ने दो-दो लाख रुपये के दो जमानतियों को दाखिल करने के बाद जमानत देने का आदेश दिया है। अधिवक्ता ने बताया कि वह जल्द ही कोर्ट में दो जमानती दाखिल करेंगे। वहीं आरोपियों की न्यायिक हिरासत भी सात नवंबर को पूरी हो रही है। सीबीआई मामले में अब तक आरोपियों की कई बार न्यायिक हिरासत बढ़वा चुकी है।