नगर के हेरीटेज अस्पताल में महिला मरीज की मौत के मामले में मंगलवार को परिजन और अस्पताल प्रबंधन के बीच समझौता हो गया। इसके चलते सीएमओ के आदेश पर शुरू हुई जांच खारिज कर दी गई।
माना जा रहा है कि ऐसा आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन)के दबाव के चलते किया गया नगर के शिकारपुर बाईपास रोड स्थित हेरीटेज अस्पताल में भईपुरा निवासी हजरा पत्नी हामिद अली को पथरी के दर्द की शिकायत के बाद भर्ती किया गया था।
परिजनों ने आरोप लगाया कि चिकित्सकों ने पथरी के अलावा हार्निया का भी ऑपरेशन कर दिया। इलाज के दौरान लापरवाही से सोमवार को उसकी मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने जमकर हंगामा करते हुए अस्पताल में तोड़फोड़ की थी।
परिजनों की शिकायत के बाद सीएमओ ने मामले में जांच की बात कही थी, लेकिन मंगलवार दोपहर को अस्पताल प्रबंधन और परिजनों के बीच समझौता हो गया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने जांच खारिज कर दी।
सिस्टम पर हावी हो रहा आईएमए
भ्रूण लिंग जांच में कार्रवाई की बात हो या फिर अस्पतालों के निरीक्षण की बात हो, हर जगह आईएमए सिस्टम पर हावी नजर आती है। हेरीटेज अस्पताल के संचालक स्वयं आईएमए के अध्यक्ष हैं। इसके कारण ही पूरे मामले को जल्दी से रफा-दफा कर दिया गया। अफसरों ने भी मामले में त्वरित कार्रवाई की जगह लीपा-पोती करने की कोशिश की।
परिजनों से वार्ता हो गई। उन्हें समझाया गया कि महिला की मौत इलाज में लापरवाही नहीं बल्कि हार्ट अटैक से हुई। शांति के माहौल में हुई वार्ता के बाद परिजन संतुष्ट हो गए हैं। -डॉ. संजीव यादव, जिलाध्यक्ष, आईएमए
पूरा मामला संज्ञान में था। सोमवार को परिजनों ने संपर्क किया लेकिन मंगलवार को अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ शिकायत नहीं दी। दोनों पक्षों में आपसी समझौता हो गया। इसके कारण मामले में जांच नहीं हो सकती।-डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ