फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अधिवक्ता ने फर्जी कागजात लगा दिलाई डकैत को जमानत

Mon, 07 Nov 2016 11:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
विज्ञापन
court shimla
विज्ञापन
 जिले में फर्जी कागजात पर जमानत कराने का धंधा चल रहा है। कोतवाली देहात पुलिस ने एक अधिवक्ता और दो जमानतियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। इन्होंने कोतवाली देहात की फर्जी मुहर लगाकर जमानत के लिए कागजात तैयार किए थे।
विज्ञापन


कागजात को कोतवाली देहात से ऐसे दो दरोगाओं से सत्यापित दिखाया है, जिस नाम के कोई दरोगा वहां पर हैं ही नहीं। एक डकैत की जमानत देने वाले दो जमानतियों के सत्यापन के दौरान इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इससे पुलिस में हड़कंप मचा है।  

कोतवाली देहात पुलिस ने डकैती, लूट और चोरी जैसे संगीन अपराधों में शामिल रहने वाले अपराधियों के फर्जी कागजात तैयार कर जमानत पर छुड़वाने वाले गिरोह का खुलासा किया है। सच्चाई सामने आने पर एसपी सिटी ने एक अधिवक्ता समेत तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है।
विज्ञापन


एसपी सिटी मान सिंह चौहान ने बताया कि रुटीन पैरवी के दौरान चार नवंबर को पता चला कि थाना सिकंदराबाद पर दर्ज डकैती के मामले में आरोपी चमन उर्फ बोटा बंजारा पुत्र लुक्का निवासी बाजिदपुर थाना खुर्जा देहात को 17 अक्तूबर 2016 को जमानत पर रिहा किया गया है।

उसकी जमानत नीलू पुत्र करन सिंह व रोहताश पुत्र हरफूल निवासी गुठावली टीकरी थाना कोतवाली देहात द्वारा दी गई है। इन प्रपत्रों को एडवोकेट संजीव शर्मा द्वारा तैयार किया गया है। प्रपत्रों को देखने के बाद जमानतियों की तस्दीक एसआई नरेश कुमार थाना कोतवाली देहात द्वारा की गई है।

जांच में पता चला कि जमानत के कागजात न तो थाना कोतवाली देहात पर तस्दीक हेतु प्राप्त हुए हैं और न ही थाना कोतवाली देहात पर।  अधिवक्ता संजीव शर्मा द्वारा फर्जी रूप से दस्तावेज तैयार करके उपनिरीक्षक यशपाल सिंह एवं नरेश कुमार की तथा थाना कोतवाली देहात की फर्जी मोहर बनवाकर तथा अभियुक्त एवं इन जमानतियों से सांठगांठ कर आरोपियों को जेल से निकाल लिया गया।

एक सप्ताह पहले भी एक ऐसा ही मामला सामने आया था। नगर कोतवाली में संजीव शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज है। एसपी सिटी मान सिंह चौहान ने बताया कि इस खुलासे में टीम की कड़ी मेहनत रही। खुलासा होने पर एडवोकेट संजीव शर्मा, नीलू पुत्र करन सिंह और रोहताश पुत्र हरफूल गुठावली पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

चार माह पहले पकड़कर छोड़ दिया था गैंग
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, करीब चार माह पहले पुलिस की एक महत्वपूर्ण विंग ने फर्जी तरीके से जमानत दिलाने वाले गिरोह के सदस्यों को पकड़ लिया था। दरोगा ने फोन करके गैंग के सदस्यों को हापुड़ में बाइपास पर बुलाया था। सूत्रों के मुताबिक, गैंग के सदस्यों को वहां पर पकड़ने के बाद करीब तीन लाख रुपये लेकर छोड़ दिया था। बता दें कि वह दरोगा आज भी उसी विंग में शामिल है।

कोतवाली देहात में नहीं हैं इस नाम के दरोगा
फर्जी जमानत के कागजात का सत्यापन कराने में यशपाल सिंह और नरेश कुमार नामक दरोगाओं की मुहर का प्रयोग किया गया है। दोनों को कोतवाली देहात में तैनात दिखाया गया है। दिलचस्प बात यह है कि इस नाम के कोई दरोगा कोतवाली देहात में हैं ही नहीं।

जमानत के कागजात जब इन दरोगाओं के हस्ताक्षरों और कोतवाली देहात की मुहरों के साथ पहुंचे तो हकीकत सामने आई। इसके बाद ही पुलिस टीम सक्रिय हुई और जांच कर गिरोह का खुलासा किया।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें