बैंक पर लाइन में लगे भाई और भतीजे को सरेआम बेरहमी से पीटने की शिकायत पर हुई कार्रवाई से झल्लाई सिकंदराबाद पुलिस ने अधिवक्ता के तीन बेटों को गैंगरेप के मामले में नामजद कर दिया। इसकी शिकायत पीड़ित ने चीफ जस्टिस के अलावा राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री से की है।
डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष मोहम्मद असलम ने चीफ जस्टिस, राष्ट्रपति, पीएम और सीएम को भेजी शिकायत में कहा है कि 13 नवंबर को प्रार्थी के भाई मोहम्मद अय्यूब और भतीजा उवेश दनकौर रोड स्थित बैंक में लाइन में लगे थे। धक्का-मुक्की होने पर ड्यूटी पर तैनात दारोगा सुभाष सिंह, कांस्टेबल मामचंद और शेखर ने उन्हें बुरी तरह पीटा।
इसकी वीडियो वहां खड़े एक शख्स ने बना ली। शिकायत करने पर एसएसपी ने तीनों पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया था। इस कार्रवाई से झिल्लाई सिकंदराबाद पुलिस ने मोहम्मद असलम के तीनों बेटों को सामूहिक दुष्कर्म में नामजद कर दिया। पीड़ित का कहना है कि पीड़िता के पिता ने अज्ञात में एफआईआर दर्ज कराई थी।
वहीं, जिसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज कराई गई, वह घर से कहीं चली गई थी और लाल कुआं गाजियाबाद पर मिली थी। इस दौरान उसके दो पुत्र कॉलेज में उपस्थित रहे हैं। एक पुत्र एक दिन अलीगढ़ गया, जिसका साक्ष्य टोल के सीसीटीवी में कैद है। सिकंदराबाद पुलिस सिर्फ बदला लेने के लिए उन्हें झूठे केस में फंसा रही है।
अधिवक्ता ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। लड़की गायब हुई और उसके बाद बरामद हुई। लड़की ने मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराए बयानों में आरोपियों के नाम खोले। पुलिस मामले की निष्पक्ष तरीके से जांच कर रही है। किसी भी निर्दोष को फंसाया नहीं जाएगा और किसी भी मुजरिम को छोड़ा नहीं जाएगा।
-मान सिंह चौहान, एसपी सिटी