भाई को खाना देकर लौट रही किशोरी को खेत में खींच कर गांव के ही युवक ने रेप की कोशिश की। इस मामले में बैठी पंचायत में पंचों ने आरोपी के सिर पर महज पांच जूते मारकर छोड़ दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान ने पीड़ित पक्ष पर पंचायत में ही फैसला करने का दबाव बनाया था। इसके डर से पीड़ित पक्ष आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस तक नहीं पहुंच पाए। वहीं पुलिस ने भी इस मामले को लेकर अनभिज्ञता जताई है।
बता दें कि रविवार दोपहर गांव निवासी 16 वर्षीय किशोरी जल निगम की साइट पर पाइपलाइन बिछाने का काम कर रहे अपने भाई को खाना देने गई थी।
जब वह खाना देकर लौट रही थी, तभी रास्ते में गांव के एक युवक ने उसे रोक लिया और खेतों में खींच कर उसके साथ रेप की कोशिश करने लगा। गनीमत रही कि उधर से गुजर रहे एक ट्रक चालक ने युवक की करतूत को देख लिया और मौके पर पहुंच गया।
जैसे ही आरोपी की नजर चालक पर पड़ी वह भाग खड़ा हुआ। शोर शराबा होने पर मौके पर पीड़िता के परिजनों के अलावा गांव के लोग भी पहुंच गए।
किशोरी की आपबीती सुनकर गांव में पहुंचे ग्रामीणों ने आरोपी को दबोचकर धुनाई कर दी। ग्रामीणों के मुताबिक पीड़ित पक्ष पर पुलिस के पास न जाने का दबाव बनाया गया।
रविवार रात इस मामले को लेकर प्रधान ने गांव में पंचायत बुलाई। ग्रामीणों की माने तो पंचायत में आरोपी युवक के सिर पर पांच जूते मारकर छोड़ने का फरमान सुनाया गया।
वहीं, दबाव के चलते डरा सहमे पीड़ित पक्ष के लोग घर आ गए। थाना प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। पीड़ित की ओर से कोई तहरीर मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।