कुर्बान हत्याकांड: तीन आरोपी दोषी करार, आजीवन कारावास
बुलंदशहर। कमेटी के पचास रुपये का तगादा करने पर कोतवाली देहात क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक की हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश नवम सुधीर कुमार ने तीन आरोपियों को दोषी माना है। तीनों अभियुक्तों को न्यायाधीश ने आजीवन कारावास व अर्थदंड सुनाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विमल कुमार ने बताया कि वादी बदलू पुत्र करीमुल्ला निवासी गांव मिर्जापुर ने कोतवाली देहात में 23 मई 2014 को तहरीर देकर अपने पुत्र कुर्बान उर्फ बौना की हत्या का मामला दर्ज कराया था। जिसमें पीड़ित ने बताया था कि उनका पुत्र पशुओं की खरीद फरोख्त करता था। कुर्बान की एक कमेटी के पचास हजार रुपये गांव निवासी रिजवान पुत्र रसीद पर आ रहे थे। इन रुपयों का कुर्बान कई बार तगादा कर चुका था। आरोप है कि 23 मई 2014 की सुबह आरोपी रिजवान, सुफियान पुत्र गण रसीद, चांद पुत्र सईद निवासी गांव ताजपुर व एक अज्ञात युवक कुर्बान को अपने साथ गांव भैंसरौली से सस्ते पशु खरीदने की बात कह कर ले गए थे। लेकिन काफी देर तक भी कुर्बान वापस नहीं लौटा, जिसके बाद उसकी तलाश शुरू की गई। इस दौरान कुर्बान का शव गांव भैंसरोली के निकट बंबे किनारे पड़ा मिला। उसकी गर्दन और शरीर के कई अंगों पर धारदार हथियार से घाव के निशान थे। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी। न्यायाधीश ने सुनवाई के दौरान तीनों आरोपियों रिजवान, सुफियान व चांद को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व 45-45 हजार रुपये अर्थदंड सुनाया है।