रहम की भीख मांगती रही दिव्यांग महिला, नहीं पसीजा दरिंदों का दिल
- पीड़िता पैर से है दिव्यांग, अतरौली में चल रहा था आंतों के संक्रमण का इलाज
- सास-ससुर की हो चुकी है मौत, दिव्यांग महिला का पति भी है दिव्यांग
अमर उजाला ब्यूरो
डिबाई। थाना क्षेत्र निवासी दुष्कर्म पीड़िता महिला एक वर्ष से आंतों के संक्रमण को झेल रही है, आए दिन दवा लेने के लिए वह गांव से अतरौली से ट्रेन से जाती थी। लेकिन, सोमवार को दवा लेने के लिए जाना उसे भारी पड़ गया। दरिंदो ने अपहरण कर पीड़ित दिव्यांग महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। महिला दरिंदो से रहम की भीख मांगती रही, लेकिन आरोपियों का दिल नहीं पसीजा और उसे बेसुध अवस्था में नदी के पास फेंक कर चले गए।
परिजनों की मानें तो करीब दस वर्ष पूर्व उसकी शादी हुई थी। वह एक पैर से दिव्यांग है और उसका पति भी पैर से दिव्यांग है। सास-ससुर की पूर्व में ही मौत हो चुकी है। पीड़िता अपने दिव्यांग पति व बच्चों के साथ गांव में रहकर जीवन यापन कर रही थी। करीब एक वर्ष पूर्व पीड़िता को आंतों में संक्रमण होने की जानकारी हुई। जिसके बाद उसका अतरौली स्थित एक अस्पताल से उपचार चलने लगा। बताया गया कि पीड़िता दवा लेने के लिए अकेले ही ट्रेेन से अतरौली आया-जाया करती थी। सोमवार को भी वह दवा लेने के लिए ट्रेन से गई थी, लेकिन लौटते वक्त आरोपियों ने उसका अपहरण कर लिया। बताया गया कि तीनों आरोपियों ने जब महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया तो पीड़िता ने उनसे रहम की भीख मांगी, लेकिन आरोपियों को उसकी हालत पर दया नहीं आई। इसके बाद आरोपी उसे बेसुध अवस्था में नदी किनारे फेंक कर चले गए। मंगलवार सुबह पुलिस ने रिपोर्ट तो दर्ज कर ली। लेकिन 12 घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी पुलिस अभी तक आरोपियों का सुराग नहीं लगा सकी है। देर शाम एसपी देहात रईस अख्तर ने घटना स्थल पर पहुंच मौका मुआयना किया है। उन्होंने ने भी पीड़ित परिजनों को जल्द से जल्द उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।