...तो दूध के काले कारोबार में हटाए गए अरनिया कोतवाल
- करीब एक माह पूर्व डीएम ने अरनिया थाने के निकट पकड़ा था दूध का काला कारोबार
- एसएसपी ने देर रात अरनिया कोतवाल को भेजा क्राइम ब्रांच, डीपी सिंह बनाए गए प्रभारी
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। अरनिया थाने से चंद मीटर की दूरी पर दूध के काले कारोबार का बीते दिनों डीएम ने भंडाफोड़ किया था। मामले में स्थानीय पुलिस की भूमिका संदिग्ध नजर आने पर डीएम ने जांच के आदेश दिए थे। वहीं अब एसएसपी ने देर रात अरनिया कोतवाल को हटा दिया है। हालांकि अन्य पुलिस कर्मियों के भी कार्यक्षेत्र बदले गए हैं, लेकिन यह कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है।
बता दें कि होली पर्व से पूर्व डीएम ने अरनिया थाना क्षेत्र में दूध के काले कारोबार का पर्दाफाश किया था। सूचना पर डीएम ने लाव लश्कर के साथ मौके पर छापेमारी की थी और अवैध दूध की फैक्ट्री को पकड़ा था। साथ ही मामले में आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए थे। उक्त मामले में एक अधिकारी पर भी गाज गिरी थी। थाने व चौकी से कुछ ही दूरी पर हो रहे दूध के गोरखधंधे में पुलिस की भूमिका संदिग्ध नजर आने पर डीएम ने एसएसपी को जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। वहीं बृहस्पतिवार देर रात एसएसपी मुनीराज जी. ने अरनिया कोतवाल एचएन सिंह को हटा कर क्राइम ब्रांच में संबद्ध किया है। इसके अलावा स्वाट टीम में तैनात रहे उपनिरीक्षक डीपी सिंह को अरनिया थाने का प्रभार सौंपा गया है। इसके अलावा एसएसपी ने देहात कोतवाली में तैनात कांस्टेबल सचिन रावत को पहासू, कोतवाली नगर से सुनील कुमार को शिकारपुर, कोतवाली नगर के ही कांस्टेबल दुर्गेश को कोतवाली देहात, नगर कोतवाली में तैनात मोहम्मद असलम को थाना नरसैना, चौकी आवास विकास से राहुल मलिक को थाना अहमदगढ़, सिकंदराबाद से मोती यादव को रामघाट, कोतवाली नगर से बलवीर यादव को थाना आहार, अनुराग यादव को कोतवाली नगर से अहमदगढ़, कांस्टेबल टोनी को नगर से नरसैना, विक्रम राठी को कोतवाली देहात की नई मंडी चौकी से शिकारपुर व कांस्टेबल भगवती प्रसाद को कोतवाली नगर से थाना आहार भेजा गया है।