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धोखाधड़ी के केस से जुड़े कागजात फाइल से चोरी

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धोखाधड़ी के केस से जुड़े कागजात फाइल से चोरी
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- पीड़िता ने तीन लोगों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर दर्ज कराई एफआईआर
- तीन माह पहले केस के सिलसिले में कचहरी आई थी महिला
अमर उजाला ब्यूरो।
बुलंदशहर। न्यायालय परिसर में धोखाधड़ी के केस से जुड़े अहम दस्तावेज चुरा लिए। वादिया के अधिवक्ता ने जब फाइल देखी तो वह चौंक गया। वादिया ने कोतवाली में तहरीर दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीड़िता ने कोर्ट के आदेश पर आरोपी पक्ष के दो पैरोकारों को नामजद करते हुए तीन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
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देवीपुरा प्रथम निवासी धर्मवती सैनी पत्नी स्व. गनेश कुमार सैनी ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसने धोखाधड़ी की एक रिपोर्ट नगर कोतवाली में दर्ज कराई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद तथ्यों के आधार पर आरोपी उमेश कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जिसका जमानत प्रार्थना पत्र एडीजे चतुर्थ के यहां से 13 अप्रैल 2017 को स्वीकृत हुआ। जमानत प्रार्थना पत्र के विरोध में धर्मवती और अधिवक्ता दोनों कोर्ट में सभी साक्ष्यों और दस्तावेजों सहित पेश हुए। बसह समाप्त होने के बाद अधिवक्ता किसी और केस में लग गए। केस की महत्वपूर्ण फाइल अधिवक्ता ने डेक्स पर रख दी थी। मौका पाक आरोपी पक्ष का पैरोकार इंदर कुमार व उसके साथी ने उमेश की सह पर अधिवक्ता का ध्यान हटते ही फाइल में से मूल अनुबंध पत्र चुरा लिए। अधिवक्ता भी अपने कार्यालय पर चले आए। न्यायालय के कर्मचारी ने एक अधिवक्ता के माध्यम से धर्मवती के अधिवक्ता के चैंबर पर भेज दी थी। धर्मवती का कहना है कि जब उसके अधिवक्ता ने फाइल को देखा तो उसमें आवश्यक दस्तावेज नहीं थे। 20 अप्रैल 2017 में नगर कोतवाली में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। एसएसपी ने भी रिपोर्ट दर्ज कराने में रुचि नहीं ली। नगर कोतवाल धनंजय मिश्र ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर दो नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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