कचहरी में तारीख पर आए दो पक्ष भिड़े
- सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों के पांच लोगों को पकड़ा
- गांव में तनाव की आशंका के चलते एसएसपी ने तैनात की फोर्स
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
कचहरी में हत्या के मामले में सुनवाई पर आए दो पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमला करने का आरोप लगाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों के पांच लोगों को हिरासत में ले लिया। वहीं गांव में तनाव की आशंका को देखते हुए एसएसपी ने फोर्स तैनात कर दी है।
सिकंदराबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव मसौता में 24 अप्रैल 2015 में दो पक्षों में मारपीट हुई थी। इसके बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने शुरुआत में मामले को हल्के में लिया। इसके बाद 26 अप्रैल 2015 की शाम गाड़ियों में कुछ लोग असलाह लेकर आए और फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें नवीन शर्मा की चाची रानी देवी की मौत हो गई। पुलिस ने कुछ नामजद और कुछ अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद आरोपी पक्ष की ओर से एक युवती की भी संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी, जिसका आरोप नवीन शर्मा के परिजनों पर लगा था, लेकिन पुलिस ने जांच में मामला झूठा पाते हुए फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। तब से दोनों पक्षों में तनाव चल रहा है।
नवीन शर्मा ने बताया कि मंगलवार दोपहर अपर जिला न्यायाधीश कक्ष संख्या नौ के यहां चाचा नेत्रपाल शर्मा और मां गवाही के लिए आए थे। नवीन का आरोप है कि वहा विपिन गुर्जर और चिंटू गुर्जर पहुंच गए। दोनों ने गवाही देने से मना किया और मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट हुई, जिसमें विपिन गुर्जर, नवीन शर्मा, धाना और मोनू घायल हो गए। पुलिस ने दोनों पक्ष से पांच लोगों को लोगों हिरासत में लिया। वहीं दूसरे पक्ष के विपिन गुर्जर ने बताया कि दो साल पहले भाई मनेंद्र की बेटी की हत्या हो गई थी। हत्या का आरोप नवीन और उसके साथियों पर था। पुलिस ने मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। मंगलवार दोपहर तारीख पर आए थे। इसी दौरान नवीन ने गुंडे बुलाकर मारपीट कर दी। नगर कोतवाल धनंजय मिश्रा ने बताया कि दोनों पक्षों के पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं एसएसपी मुनिराज जी. ने गांव में तनाव की आशंका के मद्देनजर एहतियातन फोर्स तैनात कर दी है।