चर्चा का विषय रहा पांच दरोगा समेत पुलिस कर्मियों पर केस
खुर्जा। न्यायालय के आदेश पर पांच दरोगा समेत 12 पुलिस कर्मियों के खिलाफ लूटपाट करने का केस पूरे शहर में चर्चा का विषय बना रहा। लखनऊ में विवेक तिवारी हत्याकांड का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि इस घटना ने पुलिस की छवि को और भी धूमिल कर दिया। इसे लेकर शहर में लोग चर्चा करते हुए पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाते देखे गए।
गौरतलब हो कि मोहल्ला बुर्ज उस्मान निवासी साबिर पुत्र मोहम्मद सद्दीक के मुताबिक विगत आठ सितंबर की दोपहर डेढ़ दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियों ने घर से उसके भतीजे मुस्तकीम को पकड़ लिया और घर में रखे चंदे के 84 हजार रुपये, बाइक समेत अन्य सामान लूट लिया। यही नहीं पुलिस ने अफसरों की वाहवाही पाने के लिए प्रेस कांफ्रेंस करते हुए मोहल्ला पीरजादान निवासी एक युवक शहबाज के साथ मुस्तकीम पर मादक पदार्थ और हथियारों का तस्कर होने का टैग लगा दिया। जीटी रोड सिकंदराबाद स्थित पीले बंबे के पास रात के समय गिरफ्तारी दिखा दी। खास बात यह रही घर के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में पुलिस का बैड वर्क कैद हो गया। मामले में शिकायत के बाद कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस को पांच दरोगा समेत 12 पुलिस कर्मियों के खिलाफ लूट का मुकदमा दर्ज करना पड़ा। पूरा मामला अखबरों की सुर्खियां बनने पर पूरे शहर में चर्चित रहा। लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर जमकर सवाल उठाए।