14 जून की सुबह नातिन लतिका बंसल ने सूचना दी कि पिता और अन्य लोगों ने मां को जिंदा जला दिया है। मौके पर पहुंचकर देखा तो अन्नू बुरी तरह से जली हुई आंगन में पड़ी थी। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया। दिल्ली में उपचार के दौरान 20 जून को उसकी मौत हो गई थी।
मामा और नानी कर रहे पालन-पोषण
मां की हत्या के बाद दोनों बेटियां रातभर रो-रोकर गुजारतीं थी। नानी व मामा उन्हें संभालते थे। घटना के समय लतिका कक्षा 11 और उसकी छोटी बहन तान्या कक्षा छह में पढ़ती थी। लतिका ने कहा कि ऐसा कोई दिन नहीं गया, जब मां की याद न आई हो। मामा तरुण जिंदल और नानी ओमवती ने उनका पालन-पोषण और पढ़ा-लिखा रहे हैं। लतिका फिलहाल बीएससी अंतिम वर्ष और तान्या बंसल 12वीं की छात्रा है। लतिका ने बताया कि वह डॉक्टर बनना चाहती है। उसने नीट की परीक्षा दी है।
खिड़की से मां को जलते देखा था
कोर्ट का फैसला आने के बाद अन्नू की बड़ी बेटी लतिका बंसल ने बुधवार को कहा कि घटना के दिन हम दोनों बहनों को एक कमरे में बंद कर दिया गया था। इसके बाद पिता मनोज ने मां को आग लगाई थी। दोनों बहने कमरे की खिड़की से मां को जलता हुआ देख रही थीं।