छह कोविड अस्पताल में 350 बेड हुए आरक्षित
बुलंदशहर। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में काफी लोगों को अस्पताल में भर्ती होने के लिए बेड तक नसीब नहीं हो सका तो होम क्वारंटीन में ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं हो पाई। ऐसे में कई लोगों की मौत हो गई। वहीं, अब तीसरी लहर को लेकर अभी तक छह कोविड अस्पताल बनाए गए हैं। इनमें एक 100 बेड का अस्थाई तो शेष सरकारी चिकित्सालय हैं। कोविड अस्पतालों में 350 बेड आरक्षित किए गए हैं।
कोरोना संक्रमण की पहली लहर के दौरान दो कोविड अस्पताल बनाए गए। इस दौरान होम क्वारंटीन की सुविधा शुरू होने पर संक्रमित लोगों को काफी राहत मिली लेकिन दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की जरूरत पड़ने पर तीन सरकारी तो आठ निजी अस्पतालों को कोविड अस्पताल में तब्दील किया गया। हालांकि इस दौरान मरीजों की संख्या अधिक होने पर अस्पतालों की संख्या के साथ-साथ बेड और ऑक्सीजन में उतार-चढ़ाव होता रहा। दूसरी लहर के दौरान हुई अव्यवस्थाओं से सबक लेते हुए तीसरी लहर की आशंका को लेकर पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी गई। जो शासन की गाइड लाइन के अनुसार तैयार किए जा चुके हैं। हालांकि संक्रमण की दर बढ़ने पर निजी अस्पतालों को विभाग कोविड अस्पताल बनाने के लिए तैयारियां कर रहा हैं।
जरूरत पड़ने पर की जा रही तैयारी
स्वास्थ्य अफसरों के अनुसार जिले में 500 बेड का कोविड अस्पताल भी तैयार है। इसके अलावा पूर्व में कोविड अस्पताल बनाए गए अस्पतालों को भी दोबारा कोविड अस्पताल बनाया जाएगा।
अभी यह है तैयारी
अस्पताल की संख्या 06
बेड की क्षमता 350
ऑक्सीजन युक्त बेड 286
पीकू वार्ड में बेड 100
आईसीयू युक्त बेड 41
वेंटिलेटर युक्त बेड 38
ऑक्सीजन प्लांट 14
इमरजेंसी पड़ने पर ये है तैयारी
अस्पताल की संख्या 09
बेड की क्षमता 869
ऑक्सीजन युक्त बेड 869
आईसीयू युक्त बेड 41
वेंटिलेटर युक्त बेड 74
ऑक्सीजन प्लांट 14
ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर 656
इन अस्पतालों को बनाया गया कोविड अस्पताल
खुर्जा में 100 बेड का अस्थाई कोविड अस्पताल, जटिया चिकित्सालय खुर्जा में 70 बेड, 100 बेड राजकीय चिकित्सालय डिबाई में 70 बेड, संयुक्त चिकित्सालय सिकंदराबाद में 50 बेड और शिकारपुर व स्याना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 30-30 बेड आरक्षित किए गए हैं। इनमें जटिया चिकित्सालय में 40 बेड और शेष में 12-12 बेड पीकू वार्ड के लिए आरक्षित है। सभी में दो-दो बेड पर बाईपेप की सुविधा से भी जोड़ा गया है।
विदेश से आने वालों के लिए 24 बेड आरक्षित
खुर्जा जटिया चिकित्सालय में विदेश यात्रा से आने वाले लोगों में लक्षण दिखने या रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर 24 बेड आरक्षित किए गए है। क्वारंटीन रहने के दौरान रिपोर्ट पॉजिटिव आने या लक्षण मिलने पर संबंधित को भर्ती कर जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए सैंपल लखनऊ भेजा जाएगा।
पड़ सकती है कमी
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान जिले के कोविड अस्पतालों में वेंटिलेटर की कमी खली। वहीं, जिले के समस्त सरकारी और निजी अस्पतालों में मात्र 74 वेंटिलेटर हैं। ऐसे में अगर लोगों की गंभीर हालत हुई तो रेफर करना पड़ेगा।
शासन की गाइड लाइन के अनुसार जिले में सभी तैयारियां कर ली गई है। 14 ऑक्सीजन प्लांट के अलावा 656 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर उपलब्ध हैं। फिलहाल छह कोविड अस्पताल तैयार है। इनमें 350 बेड में से 286 पर ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध है। पांच अस्पतालों में पीकू वार्ड के लिए 100 बेड आरक्षित हैं। अगर संक्रमण की दर बढ़ती है तो पूर्व में बनाए गए कोविड अस्पताल सक्रिय रखे जाएंगे। - डॉ. विनय कुमार सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी