पात्र श्रमिकों को आर्थिक मदद के लिए सूची बनाने का काम शुरू
बुलंदशहर। तीन माह तक दिहाड़ी मजदूरों सहित श्रमिक और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को शासन की ओर से भरण-पोषण भत्ता मिलेगा। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। नगरीय क्षेत्र में नगर पालिका और ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत ने ऐसे श्रमिकों और दिहाड़ी मजदूरों व नाम, पता, कार्यस्थल, बैंक एकाउंट नंबर आदि जानकारी एकत्र करनी शुरू कर दी है।
समिति का हुआ गठन
मजदूरों को तीन माह तक मिलने वाले भरण-पोषण भत्ता के लिए जनपद स्तर पर एक समिति का गठन किया गया है। इसमें डीएम अध्यक्ष, सीडीओ सचिव और अन्य अधिकारी शामिल हैं। मजदूरों सहित श्रमिक और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों का चयन करने के लिए शहरी क्षेत्र में नगर पालिका और ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत को जिम्मेदारी सौंपी गई है। शासन का आदेश है कि कोरोना काल में गरीबों के लिए बड़ी मदद है। साथ ही कामकाज बंद होने से घर बैठे चयनित जरूरतमंदों को एक हजार रुपये मासिक भरण-पोषण भत्ता दिया जाएगा। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में मजदूरों सहित श्रमिक और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को चिन्हित करने काम तेजी से किया जा रहा है। अफसरों का कहना है कि यह कार्य जल्द पूरा करते हुए इसकी सूची आगामी कार्रवाई के लिए शासन को भेजी जाएगी।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में ये होंगे पात्र
शासन के आदेश पर भरण-पोषण भत्ता के लिए ठेला, खोमचा, रेहड़ी, खोखा, पटरी दुकानदार, दिहाड़ी मजदूर, ई-रिक्शा चालक, कुली, पल्लेदार, नाई, धोबी, मोची, प्रवासी श्रमिक, हलवाई, दर्जी और मनरेगा मजदूर आदि शामिल होंगे।
एडीओ पंचायत और वीडियो को निर्देश
शासन और डीएम के आदेश पर मजदूरों सहित श्रमिक और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को चयनित करने का काम शुरू हो गया है। इस कार्य को समय पर पूरा करने के लिए सभी एडीओ पंचायत, बीडीओ और ग्राम सचिवों को निर्देश जारी किए गए हैं। सूची तैयार होने पर इसे शासन को भेजा जाएगा।
नन्दलाल, जिला पंचायती राज अधिकारी।