बुलंदशहर। मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन करने पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सोमवार को कलक्ट्रेट पर पुलिस से झड़प हो गई। मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंकने की कोशिश के दौरान पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोक दिया।
इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान और नगर कोतवाल सुजीत उपाध्याय के बीच धक्का-मुक्की होने का आरोप लगा। घटना से नाराज कांग्रेस कार्यकर्ता कलक्ट्रेट के मुख्य गेट पर ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने संबंधित निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
एएसपी सिटी के आश्वासन पर कार्यकर्ताओं ने धरना समाप्त किया। जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि 48 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो एसएसपी कार्यालय पर धरना दिया जाएगा।
सोमवार दोपहर कांग्रेस कार्यकर्ता काला आम चौराहे के राजेबाबू पार्क में एकत्र हुए। यहां से मुख्य चुनाव आयुक्त, चुनाव आयोग और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शन को देखते हुए कलक्ट्रेट का मुख्य गेट बंद कर पुलिस बल तैनात किया गया था।
पुलिस ने कार्यकर्ताओं को गेट के बाहर ही रोक दिया। इसी दौरान कुछ कार्यकर्ता गेट पर चढ़ने लगे। उन्हें पुलिस ने नीचे उतार दिया। इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंकने का प्रयास किया।
पुलिस ने पुतला छीनकर आग लगाने से रोक दिया। इसी दौरान जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान और नगर कोतवाल के बीच धक्का-मुक्की होने का आरोप लगा। साथ ही कार्यकर्ता भजनलाल जाटव, कांग्रेस नेत्री प्रज्ञा गौड़ के साथ मारपीट का आरोप लगाया।
इसके खिलाफ कांग्रेस जिलाध्यक्ष कलक्ट्रेट पर ही धरने पर बैठ गए और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए।
जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा के लिए काम कर रहा है और इसी के विरोध में पार्टी प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए कार्रवाई को लोकतांत्रिक प्रक्रिया और संविधान के खिलाफ बताया।
कुछ देर बाद प्रेमसुख दरिया मौके पर पहुंचे और कांग्रेस नेताओं को कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने बिना ज्ञापन दिए धरना समाप्त कर दिया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि 48 घंटे के भीतर संबंधित निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो एसएसपी कार्यालय पर धरना दिया जाएगा।
प्रदर्शन में भी दिखा आपसी समन्वय का अभाव
काला आम चौराहे से कलक्ट्रेट तक निकाले गए प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच आपसी तालमेल की कमी भी नजर आई। जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान लगातार कार्यकर्ताओं से एक साथ और धीरे-धीरे चलने की अपील करते रहे लेकिन कई कार्यकर्ता उनसे आगे निकल गए।
इस दौरान कुछ कार्यकर्ता फोटो खिंचवाने के लिए आगे आते भी दिखाई दिए। कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने के लिए जिलाध्यक्ष को कई बार प्रयास करना पड़ा। इस दौरान पूर्व जिला अध्यक्ष सुभाष गांधी, राकेश भाटी, सुभाष शर्मा, नईम मंसूरी, साजिद गाजी, प्रज्ञा गौड़, भजन लाल जाटव, ज्ञानेंद्र राघव, लक्ष्मी नारायण शर्मा, शिव कुमार शर्मा, लक्ष्मीचंद पाराशर, गौरव जयराम और अमित जाटव आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।
कोट
कांग्रेस कार्यकर्ता कलक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर चढ़ने का प्रयास कर रहे थे। वे पुतला दहन भी करना चाहते थे, जिससे आगजनी की स्थिति उत्पन्न हो सकती थी। इसी वजह से पुलिस ने उन्हें पुतला फूंकने से रोका। जिलाध्यक्ष के साथ धक्का-मुक्की के आरोप निराधार हैं। - सुजीत उपाध्याय, नगर कोतवाल
कलक्ट्रेट के गेट पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं व पुलिस के बीच हुई झड़प। संवाद