वीकेंड पर मौसम ने अचानक यू टर्न ले लिया। रविवार को अचानक कोहरा, पाला के साथ शीतलहर ने आम आदमी की मुश्किलें बढ़ा दी। सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों के सामने आई जिनका सहारा सरकार के रैन बसेरे है। बसेरे में रजाई गद्दे तो मिले मगर अलाव और पानी का इंतजाम नहीं है।
जिला प्रशासन ने अलाव के लिए 10 स्थान चिंहित किए जरूर हैं मगर रविवार को एक भी स्थान पर अलाव नहीं दिखा। रैन बसेरों का हाल भी ठीक नहीं मिला। रेलवे स्टेशन पर रैन बसेरा नहीं है, जबकि जिला अस्पताल का रैन बसेरा बंद पड़ा हुआ मिला।
भूड़ चौराहा और बस अड्डा स्थित रैन बसेरे में रजाई-गद्दा तो मिले, मगर अलाव लकड़ी और अन्य सुविधाएं नहीं पाई गई। नगर पालिका के इओ एके सिंह ने कहा कि यदि चिंहित स्थानों पर अलाव नहीं जलाए जा रहे हैं तो इस संबंध में जांच कराई जाएगी और कार्रवाई भी की जाएगी।
रेल यात्रियों के लिए कोहरे ने फिर से कहर बरपाना शुरू कर दिया है। रविवार को देरी के चलते दिल्ली हावड़ा रेल मार्ग पर चलने वाली तीन ट्रेनें रदद् रही। वहीं आठ ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी देरी से पहुंची।
दिल्ली हावड़ा रेल मार्ग पर सीतामढ़ी से आनंदविहार जाने वाली लिच्छवी, इलाहाबाद से चंडीगढ़ जाने वाली ऊंचाहार और अलीगढ़ पलवल को रेलवे ने रविवार को रद्द कर दिया। बताया जा रहा है कि ट्रेनें काफी देरी से चल रही थीं। उधर संगम 18 घंटे, डिब्रूगढ़, 9 घंटे, आम्रपाली, गोमती तथा महानंदा 6 घंटे, फरक्का और कालका 9 घंटे और मुरी 7 घंटे लेट रही।
ट्रेनों के रद्द होने और देरी से चलने का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ा। स्टेशन अधीक्षक पीके गुप्ता ने बताया कि कोहरे के ट्रेने लेट हो रही है। ट्रेनों के लेट होने की सूचना ऊपर से मिली थी। यात्रियों को भी समय से पहले ही ट्रेनों के लेट होने की सूचना दे दी जाती है।