पांच लाख रुपये के बकाये में पावर कारपोरेशन ने शिकारपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का कनेक्शन काट दिया। इसके चलते 55 घंटे तक सीएचसी में बिजली सप्लाई गुल रही। इस दौरान 13 बच्चों की जन्म मोमबत्ती की रोशनी में कराया गया।
आलम यह रहा कि प्रसव के दौरान लेबर रूम को गर्म रखने के इंतजाम न होने के चलते ठंड में जच्चा और बच्चा दोनों कंपकंपाते रहे। मरीजों का कहना है कि इस दौरान अस्पताल में जेनरेटर भी नहीं चलाया गया।
पावर कारपोरेशन के अफसरों ने कनेक्शन काटने की कार्रवाई बकाएदारों के खिलाफ अभियान के तहत 12 जनवरी की सुबह दस बजे की। इस दिन बिना बिजली के ही पांच गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी कराई गई। 13 जनवरी को तीन गर्भवतियों की डिलीवरी भी इसी तरह करानी पड़ी।
इसके बावजूद अफसर हरकत में नहीं आए। अस्पताल में जेनरेटर भी नहीं चलाया। 14 जनवरी को फिर पांच महिलाओं की डिलीवरी मोमबत्ती की रोशनी में ही करानी पड़ी। मामला सीएमओ तक पहुंचा तो महकमा एक्शन में आया। आला अफसरों के दखल पर शनिवार शाम पांच बजे सीएचसी का विद्युत कनेक्शन जोड़ा गया।
सीएचसी का बिल सीएमएस के चैक द्वारा ट्रेजरी में जमा कर दिया गया है। विद्युत कनेक्शन गलत तरीके से काटा गया है। कनेक्शन काटे जाने से सेवा प्रभावित हुईं है। अस्पताल आवश्यक सेवाओं की श्रेणी में आते हैं। - डा. बलराज सिंह, प्रभारी, सीएचसी शिकारपुर