बुलंदशहर। शिकायतों के समाधान के लिए लोगों को भटकना न पड़े और ग्राम पंचायतें भी विवाद रहित बनें, इसके लिए अब ग्राम पंचायत स्तर पर चौपाल का आयोजन किया जाएगा। रोस्टर के अनुसार एक ग्राम पंचायत में लगातार तीन दिन तक नायब तहसीलदार के नेतृत्व में लोगों की शिकायतें सुनी जाएंगी। दो दिन में शिकायतों का निस्तारण कराया जाएगा।
प्रशासनिक अधिकारियों ने रोस्टर तैयार करते हुए ग्राम चौपाल का आयोजन शुरू करा दिया है। जिलाधिकारी ने जिला स्तर पर तीनों अपर जिलाधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया है।
लोगों की शिकायतों के निस्तारण के लिए प्रत्येक माह के पहले और तीसरे शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस और दूसरे व चौथे शनिवार को थाना समाधान दिवस का आयोजन किया जाता है। इसके बाद भी विभिन्न गांवों के लोगों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए कलक्ट्रेट, एसएसपी कार्यालय, तहसील, थाना-कोतवाली के चक्कर लगाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
एडीएम प्रशासन प्रमोद कुमार पांडेय ने बताया कि ग्रामीणों की बिजली, सफाई, राशन, पेयजल सप्लाई, जर्जर सड़क, पानी निकासी, जमीन पर अवैध कब्जा, पुलिस विभाग समेत अन्य समस्याओं के समाधान के लिए ग्राम पंचायतों में लगातार तीन-तीन दिन तक चौपाल का आयोजन किया जाएगा। दो दिन में निस्तारण न होने की स्थिति में अधिकतम एक माह की अवधि में शिकायतों का निस्तारण करना होगा। इसके लिए जिला स्तर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन, वित्त व न्यायिक को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
प्रत्येक माह में एसडीएम को दो ग्राम पंचायत चौपाल व तहसीलदार को तीन ग्राम पंचायत चौपाल में पहुंचकर लोगों की शिकायतें सुननी होंगी। एसडीएम व तहसीलदार को यह छूट दी गई है कि वह सर्वाधिक शिकायतों वाली ग्राम पंचायतों में चौपाल में शिकायतें सुनें। (संवाद)