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Bulandshahar News: फर्जी हस्ताक्षर की शिकायत करने वाले अधिकारी को ही दे दी चार्जशीट

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खुर्जा तहसील
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बुलंदशहर। तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षर कर 177 फाइलों को पास करने के मामले में शिकायत करने वाले तहसीलदार (वर्तमान में एसडीएम श्रावस्ती) ही फंस गए हैं। एडीएम प्रशासन की ओर से की गई 300 पेज की जांच रिपोर्ट के बाद अब शिकायतकर्ता तहसीलदार को ही चार्जशीट थमा दी गई है। आरोपी पेशकार दीपक गोयल के खिलाफ अभी तक जांच पूरी नहीं हो पाई है।
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यह मामला करीब सात माह पहले सुर्खियों में आया था। खुर्जा तहसील में तैनात रहे तहसीलदार संजय कुमार ने यहां से अपने तबादले के करीब चार माह बाद पेशकार दीपक गोयल पर 177 फाइलों को फर्जी हस्ताक्षर से पास करने का आरोप लगाया गया था। उन्होंने पेशकार के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। इसके बाद डीएम ने पेशकार दीपक गोयल को निलंबित कर दिया था। खुर्जा से तबादले के चार माह बाद तहसीलदार संजय कुमार की ओर से की गई शिकायत अधिकारियों में चर्चा का विषय बनी थी। फाइलों को फर्जी हस्ताक्षर से पास करने के मामले में संजय कुमार की भूमिका पर भी लगातार सवाल उठ रहे थे। मामले में पेशकार के खिलाफ जांच के लिए डीएम ने एसडीएम डीपी सिंह और पूरे मामले की विभागीय जांच के लिए एडीएम प्रशासन को जांच अधिकारी नियुक्त किया था। बताया जा रहा है कि एडीएम प्रशासन ने पूरे मामले में जांच की तो खुद शिकायतकर्ता ही अपने बुने जाल में फंस गए। एडीएम प्रशासन की ओर से तैयार की गई 300 पेज की जांच रिपोर्ट के बाद संजय कुमार को ही चार्जशीट जारी कर दी गई है। अब संजय कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की तलवार अटक गई है। दूसरी ओर आरोपी पेशकार दीपक गोयल के खिलाफ चल रही जांच अभी तक पूरी नहीं हो सकी है।



पेशकार को अंतिम बार दिया दो हफ्ते का समय

पेशकार के खिलाफ जांच कर रहे एसडीएम स्याना डीपी सिंह का कहना है कि बयान दर्ज कराने और जवाब देने के लिएआरोपी पेशकार दीपक गोयल को कई बार नोटिस जारी किया जा चुका है। अभी तक पेशकार की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। अंतिम बार दो सप्ताह का समय पेशकार को दिया गया है। निर्धारित समय में जवाब नहीं दिया गया तो एक पक्षीय जांच रिपोर्ट तैयार कर डीएम को भेजी जाएगी। आरोपी पेशकार दीपक गोयल का कहना है कि अपना जवाब देने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से कुछ दस्तावेज मांगे थे, जिसे अब तक उपलब्ध नहीं कराया गया। इसी वजह से जवाब नहीं दे पा रहे हैं।
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मामले में 300 पेज की जांच रिपोर्ट तैयार करते हुए उच्चाधिकारियों को भेज दी गई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन तहसीलदार संजय कुमार को चार्जशीट दी गई है। अब शासन स्तर से कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. प्रशांत कुमार, एडीएम प्रशासन
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