संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। जिले में कुत्ते और बंदर के अलावा बिल्लियां भी अब हमलावर होने लगी हैं। जिला अस्पताल समेत अन्य चिकित्सालयों में प्रतिदिन बिल्ली के हमले के लोग एआरवी लगवाने पहुंच रहे हैं। फरवरी में 634 लोगों ने बिल्ली के हमले के बाद एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाई। पिछले पांच माह में बिल्ली के हमला करने के 3499 मामले सामने आ चुके हैं। सोमवार को जिला अस्पताल में बिल्ली के हमले से घायल दो लोगों ने एआरवी लगवाई।
जिले में जहां कुत्तों के काटने के मामले सर्वाधिक सामने आते रहते हैं, वहीं, बंदर के काटने के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं। अब जिले में बिल्लियों के हमले के भी मामले बढ़ने लगे हैं। खास बात यह है कि इनमें अधिकांश मामले पालतू बिल्लियों के काटने के हैं। ज्यादातर मामले देहात क्षेत्रों में देखने को मिल रहे हैं। इसमें बुलंदशहर, सिकंदराबाद, खुर्जा के अलावा पहासू, शिकारपुर, जहांगीराबाद, अनूपशहर, स्याना, बीबीनगर, ऊंचागांव, डिबाई, दानपुर, मुनी, वैर, लखावटी, गुलावठी, कसेरकलां व मालागढ़ आदि क्षेत्र में प्रतिमाह बिल्ली हमले के मामले सामने आ रहे हैं। बिल्ली हमले के बाद लोग एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने के लिए सरकारी चिकित्सालयों के साथ निजी अस्पताल में भी पहुंच रहे हैं। रविवार को नगर निवासी अकरम को बिल्ली के पंजे मारकर घायल कर दिया। वहीं, कमालपुर निवासी युसुफ की 12 वर्षीय पुत्री सोफिया को बिल्ली ने काट लिया। परिजनों के अनुसार उनके घर में बिल्ली पल रही है। दो दिन पूर्व बिल्ली को नहलाते समय बिल्ली ने उसके हाथ में काट लिया।
पालतू जानवरों के काटने को न करें नजरअंदाज
जिला अस्पताल के फार्मासिस्ट अरुण यादव ने बताया कि अक्सर लोग पालतू कुत्ता, बिल्ली के काटने पर नजरअंदाज कर देते हैं। यह लापरवाही संबंधित के लिए घातक हो सकती है। कुत्ता या बिल्ली के काटने पर तुरंत एआरवी का टीका लगवाएं। चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज उपाध्याय ने बताया कि रैबीज वायरस जानवरों की लार में होता है। काटने पर यह व्यक्ति के शरीर में चला जाता है। कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले या डायबिटिक लोगों पर इसका असर जल्दी होता है। नोडल अधिकारी डॉ.रमित कुमार ने बताया कि बिल्ली हमले के फरवरी माह में 634 मामले सामने आए। इसमें सर्वाधिक बुलंदशहर में 421, सिकंदराबाद में 54, खुर्जा में 38, अनूपशहर में 35, वैर में 18, ऊंचागांव में 11, जहांगीराबाद में 10, स्याना व कसेरकलां में नौ-नौ, गुलावठी में छह, लखावटी में पांच, मालागढ़ में चार, डिबाई व मुनी में तीन-तीन और पहासू, बीबीनगर, दानपुर व शिकारपुर में दो-दो लोग शामिल रहे।
सीएमओ डॉ.विनय कुमा सिंह ने बताया कि कुत्ता और बंदर के अलावा बिल्ली काटने के लोग भी एआरवी लगवाने के लिए आ रहे हैं। फरवरी में 20,559 लोगों को एआरवी लगी है। इसमें 634 बिल्ली हमले के मामले रहे।
माह - एआरवी लगवाने वालों की संख्या
अक्तूबर - 585
नवंबर - 829
दिसंबर - 846
जनवरी - 605
फरवरी - 634
(नोट -यह आंकड़े सरकारी चिकित्सालयों में एआरवी लगवाने वालों के हैं।)