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अब खुर्जा में बनेगी बुलेटप्रूफ जैकेट की सिरेमिक लेयर

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खुर्जा पॉटरी उद्योग - फोटो : KHURJA
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अब खुर्जा में बनेगी बुलेटप्रूफ जैकेट की सिरेमिक लेयर
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खुर्जा। अब सैनिकों की प्राण रक्षा के लिए बुलेटप्रूफ जैकेट की सेरेमिक लेयर पॉटरी नगरी में बनेगी। मेक इन इंडिया के तहत भारत में बनने वाले अत्याधुनिक बुलेटप्रूफ जैकेट में यह लेयर लगाई जाएगी। अलीगढ़ में डिफेंस कॉरिडोर का निर्माण होने से खुर्जा के उद्यमियों ने भी इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसके लिए जल्द ही ऑर्डर मिलने शुरू हो जाएंगे।
पॉटरी नगरी की इकाइयों में सिरेमिक उत्पाद बनाए जाते हैं। रक्षा से संबंधित सिरेमिक के उत्पादों के निर्माण के लिए यहां के उद्यमियों से भी संपर्क किया जा रहा है। दरअसल अत्याधुनिक बुलेटप्रूफ जैकेट में डाले जाने वाला एक लेयर सिरेमिक से बनाया जाता है। ऐसे में उस लेयर को बनाने के लिए उद्यमियों से आवेदन मांगे गए हैं। पॉटरी उद्यमी दर्शन छतवाल ने बताया कि बुलेटप्रूफ जैकेट का सिरेमिक पार्ट बनाने के लिए आवेदन किए जा रहे हैं।
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बुलेटप्रूफ जैकेट में ऐसे काम करती है सिरेमिक लेयर
बुलेटप्रूफ जैकेट दो लेयर में बनती है। सबसे ऊपर सिरेमिक लेयर होती है। उसके नीचे बैलिस्टिक लेयर लगाई जाती है। जब गोली बुलेटप्रूफ जैकेट से टकराती है तो सबसे पहले सिरेमिक लेयर पर पड़ती है। सिरेमिक लेयर इतनी मजबूत होती है कि इससे टकराते ही गोली का आगे वाला सिरा टुकड़े-टुकड़े हो जाता है। इससे गोली की गति कम हो जाती है। वहीं सिरेमिक लेयर से टकराने पर गोली से भारी मात्रा में एनर्जी निकलती है। नीचे वाली बैलिस्टिक लेयर इस एनर्जी को सोख लेती है। इससे जैकेट पहने हुआ व्यक्ति बच जाता है या मामूली घायल होता है।
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पूर्व में भी बन चुके हैं फाइटर प्लेन के पार्ट
ब्रिटेन के जगुआर फाइटर प्लेन के कुछ पुर्जे भी खुर्जा की पॉटरी इकाई में तैयार किए जा चुके हैं। इससे देश की सुरक्षा को एक अहम तकनीक प्राप्त हुई थी। उद्यमियों का कहना है कि आगे भी रक्षा से संबंधित आर्डर मिलने पर वह बनाने को तैयार हैं।
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