गंगा में डॉल्फिन की बढ़ती अठखेलियां अफसरों को उत्साहित कर रही है। डॉल्फिन प्रोजेक्ट सफल होता देख अब अफसर ईको टूरिज्म के प्रति गंभीर हो गए हैं। टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
वन विभाग के अफसरों ने नरौरा में डॉल्फिन की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए ईको टूरिज्म का प्रस्ताव दिया है। 22 को मेरठ में हुई वर्कशॉप में वन विभाग के अफसरों नेे इसको लेकर अपना प्रस्तुतीकरण भी दिया।
जिला वन अधिकारी अनुज सक्सेना ने बताया कि गंगा में डॉल्फिन की बढ़ती अठखेलियां इस बात का सबूत हैं कि प्रदूषण कम हुआ है। डॉल्फिन प्रोजेक्ट को लेकर विभाग अब ईको टूरिज्म की तरफ बढ़ रहा है।
इसके तहत टूरिस्टों को आर्कषित करने के लिए मोटरवोट की संख्या बढ़ाने के साथ गंगा में डबलडेकर रेस्तरां का भी इंतजाम किया जाएगा।
इसके अलावा टूरिस्टों को रोकने के लिए आसपास के गांवों का माहौल खुशनुमा बनाने के साथ उचित व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही महाभारत काल के मंदिरों के प्रति टूरिज्म बढ़ाया जाएगा।
नरौरा में डॉल्फिन की बढ़ती अठखेलियां इस बात का सबूत हैं कि गंगा में प्रदूषण कम हुआ है। ईको टूरिज्म का प्रस्ताव दिया गया है। इसको लेकर बैठक में प्रस्तुती दी गई है। टूरिस्टों के रुकने के बेहतर इंतजाम पर जोर है। महाभारत काल के मंदिरों के प्रति टूरिस्टों को आर्कषित किया जाएगा। - अनुज सक्सेना, डीएफओ
महाभारत काल के कर्ण मंदिर के प्रति टूरिस्टों को आकर्षित करने के लिए भी कई योजनाओं को अमलीजामा दिया जाएगा। नरौरा और आसपास के क्षेत्र में टूरिस्टों के रुकने के इंतजाम पर वन विभाग के अफसरों का खासा जोर है।
जिससे टूरिस्ट इन गांवों में समय बिताने के लिए आर्कषित हों। इसको लेकर मेरठ में हुई बैठक में प्रस्तुति भी दी गई है।