जहांगीराबाद के मोहल्ला कायस्थवाड़ा स्थित हजरत मौला अली मस्जिद में विचार व्यक्त करते शहर काजी डॉ
जहांगीराबाद। मोहल्ला कायस्थ वाड़ा अंसारी रोड स्थित हजरत मौला अली मस्जिद में हजरत मौला अली की यौम-ए-विलादत के मुबारक मौके पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के समापन पर तबर्रुक तकसीम किया गया।
शहर काजी डॉ. कलीम उर्रहमान बुखारी ने हजरत मौला अली की जीवनी और उनके बताए मार्ग पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हजरत अली अल्लाह के प्यारे नबी हजरत मोहम्मद साहब के दामाद थे। उन्होंने इस्लाम को जीवित रखने के लिए अनेक कुर्बानियां दीं। शहर काजी ने बताया कि हजरत अली का जन्म 13 रजब को मक्का में काबा शरीफ के अंदर हुआ था। हजरत अली हजरत इमाम हुसैन के वालिद थे, जिनके परिवार ने इस्लाम की रक्षा के लिए कर्बला के मैदान में अपनी शहादत दी। उन्होंने लोगों से अपील की कि सभी को हजरत अली के बताए रास्तों पर चलना चाहिए। बुराइयों और गीबत से बचना चाहिए तथा तालीम को जीवन का अहम हिस्सा बनाना चाहिए, क्योंकि शिक्षा के बिना इंसान अधूरा है।
कार्यक्रम के दौरान हाफिज उस्मान अंसारी ने देश में अमन-चैन और भाईचारे की दुआ कराई। इस मौके पर कारी सुहेल, हाफिज अशरफ मोहम्मद, हाजी अब्दुल रऊफ खान, सभासद सुल्तान चौधरी, पूर्व सभासद कमाल अल्वी, नाजिम चौधरी, जमील मलिक, इरशाद अली, हाजी खालिद अंसारी, परवेज अली, ताहिर सैफी, यूसुफ अंसारी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।