प्रीत विहार में वोट डालने के बाद खुशी जतातीं महिलाएं।
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सूरज चढ़ने के साथ बढ़ा मतदान प्रतिशत, अंतिम घंटे में सिर्फ 2.79 प्रतिशत
बुलंदशहर। सदर विधानसभा सीट पर मंगलवार को उपचुनाव के चलते मतदान हुआ। मतदान सुबह सात से शाम छह बजे तक का था। इस दौरान कुल 52.56 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया। जबकि, मतदान के शुरूआती दो घंटे 7.88 प्रतिशत और अंतिम एक घंटे में करीब 2.79 प्रतिशत मतदान हुआ।
सदर विधानसभा सीट पर उपुचनाव में कुल 52.56 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग किया। यह आंकड़ा चुनावी गणित के हिसाब से कमतर आंका जा रहा है। गत विधानसभा चुनाव 2017 में सदर सीट का आंकड़ा देखें तो चुनाव आयोग के अनुसार उस दौरान 64.27 प्रतिशत मतदाताओं ने मत का प्रयोग किया था। जबकि, इस बार यह आंकड़ा करीब 11.5 प्रतिशत कम है। हालांकि, स्वीप कार्यक्रम के तहत प्रशासन ने चुनाव के दौरान मतदान प्रतिशत बढ़ाने की भरसक कोशिश की थी। लेकिन, बावजूद इसके इस बार आंकड़ा गत चुनाव के माफिक कम रहा है। मंगलवार सुबह प्रशासन ने सुबह सात बजे से नौ बजे तक का आंकड़ा दिया था जो कि 7.88 प्रतिशत था। इसके बाद जैसे-जैसे आसमान में सूरज चढ़ा वैसे ही लोग घरों से बाहर निकलने लगे और वोट प्रतिशत भी बढ़ने लगा। सुबह नौ बजे से 11 बजे तक यह आंकड़ा 19.17 प्रतिशत हो गया। जो कि शुरूआती दो घंटों से करीब 11.29 प्रतिशत अधिक है। इसके बाद सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक 28.83 प्रतिशत मतदान रहा। इन दो घंटों में 9.66 प्रतिशत वोटिंग हुई। प्रशासन ने तीन बजे 40.3 प्रतिशत मतदान होने का आंकड़ा दिया। यानि दोपहर एक बजे से दोपहर तीन बजे तक कुल 11.47 प्रतिशत मतदान किया गया। वहीं, शाम पांच बजे मतदान प्रतिशत 49.77 प्रतिशत रहा। यानी इन दो घंटो में यह आंकड़ा 9.47 प्रतिशत रहा। जबकि, अंतिम घंटे में कुल 2.79 प्रतिशत मतदान हुआ। प्रशासनिक आंकड़े के मुताबिक 11 घंटे की वोटिंग में कुल 52.56 प्रतिशत मतदान हुआ। और शाम छह बजे तक 52.56 फीसदी मतदान हुआ।
91 वर्षीय चिरंजीलाल का नहीं मिला लिस्ट में नाम
बुलंदशहर। नगर के देवीपुरा रोड निवासी 91 वर्षीय चिरंजीलाल जब अपना वोट डालने के लिए चमेली देवी स्कूल स्थित बूथ पर पहुंचे तो लिस्ट में उनका नाम नहीं मिला। जबकि उनके पास वोट की पर्ची भी थी। उनका आरोप है कि उनके साथ धोखा हुआ है। उनसे कहा गया है कि उनकी वोट बैलेट मतपत्र द्वारा डाल दी गई है। उनका कहना है कि बैलेट मतपत्र डलवाने के लिए कोई नहीं पहुंचा। कई बूथों पर लिस्ट में नाम न मिलने की शिकायत पाई गई।