बुलंदशहर। जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत सदस्य के खाली पदों पर उपचुनाव के लिए सोमवार को नामांकन पत्रों की जांच की गई। इस दौरान 41 ग्राम पंचायत सदस्यों के पद के सापेक्ष केवल 34 पर ही एक-एक आवेदन किया गया। इनमें भी दो ग्राम पंचायत सदस्यों के आवेदन जांच में निरस्त कर दिए गए। जिसके चलते 32 ग्राम पंचायत सदस्यों का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय है। वहीं, जिला पंचायत सदस्य पद पर छह में से पांच नामांकन निरस्त किए जाने पर सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध किया और अधिकारियों पर मनमानी करने का आरोप लगाया।
जिले में ग्राम पंचायत सदस्य पद के 41 वार्ड, क्षेत्र पंचायत के तीन वार्ड और जिला पंचायत के वार्ड 44 पर उपचुनाव के लिए घोषणा की गई थी। इन सभी वार्डों पर शनिवार तक नामांकन प्रक्रिया की गई थी। सोमवार को सभी नामांकन पत्रों की जांच की गई। जांच में सामने आया कि ग्राम पंचायत सदस्य पद के केवल 34 वार्डों पर ही एक-एक प्रत्याशी ने नामांकन किया है।
जांच के दौरान इनमें से डिबाई के गांव नयाबांस बांगर, पहासू के गांव लालगढ़ी के खाली ग्राम पंचायत सदस्य पद पर आए नामांकन वैध नहीं मिले। जिसके चलते इन नामांकन को निरस्त कर दिया गया। जबकि जहांगीराबाद ब्लॉक के पांच, पहासू व बीबीनगर ब्लॉक के खाली एक-एक ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए किसी ने भी आवेदन नहीं किया।
वहीं, अनूपशहर के दो और अरनिया ब्लॉक के एक खाली क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए भी एक-एक नामांकन आया। जिसे जांच में वैध घोषित करते हुए स्वीकार कर लिया गया। इसके अलावा जिला पंचायत के वार्ड 44 पर कुल छह लोगों ने आवेदन किए, लेकिन इनमें से पांच आवेदन को जांच के दौरान निरस्त कर दिया गया। पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुरेश कुमार की मौत के बाद खाली हुए पद पर उनकी पत्नी अनीता का ही नामांकन वैध मिला। जिसके चलते इन सभी पदों पर नामांकन करने वालों का निर्विरोध चुना जाना तय है। मंगलवार को नाम वापसी की प्रक्रिया के बाद इसकी औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी।
सपा कार्यकर्ताओं ने नामांकन निरस्त करने का किया विरोध
जिला पंचायत के वार्ड 44 पर पांच नामांकन निरस्त किए जाने का सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध किया है। सपा जिलाध्यक्ष मतलूब अली का आरोप है कि अधिकारियों ने शासन के दबाव में आकर अवैध रूप से सभी नामांकन निरस्त किए हैं। इसके लिए उन्होंने डीएम को शिकायत भेजकर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
32 ग्राम पंचायत सदस्य व तीन क्षेत्र पंचायत सदस्य निर्विरोध चुना जाना तय हैं। जिला पंचायत सदस्य पद के लिए आए छह नामांकन में से एक प्रत्याशी ने विधानसभा मतदाता सूची लगाई थी, जबकि दो प्रत्याशियों ने अपना शैक्षिक, आपराधिक, संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया था। वहीं, दो प्रत्याशियों के नामांकन पर एक शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत की जांच जिला पंचायत से कराई तो वह जिला पंचायत के बकाएदार पाए गए। जिस वजह से नामांकन निरस्त किए गए हैं। - सत्यपाल, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी