बुलंदशहर। सबसे अधिक गांवों को माॅडल बनाने में जिला प्रदेश में अव्वल रहा है। शासन की ओर से अक्तूबर माह की रैंकिंग में बुलंदशहर पहले स्थान पर है। इस सूची में वाराणसी दूसरे, अलीगढ़ तीसरे और मेरठ जनपद चौथे स्थान पर है।
शासन के निर्देश पर पंचायती राज विभाग की ओर से गांवों को मॉडल बनाने के लिए काम तेजी से चल रहा है। जिले में 946 ग्राम पंचायतों को माॅडल बनाने का लक्ष्य है, जिसमें अभी तक 443 गांव मॉडल बन चुके हैं। बताया गया कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य सभी ग्राम पंचायतों में चल रहा है। इसके साथ ही लिक्विड मैनेजमेंट प्लांट तरल अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य भी जारी है। इसके अलावा अन्य कार्य भी ग्राम पंचायतों में किए जा रहे हैं। मॉडल गांवों में सूखे व गीले कूड़े का निस्तारण प्लांट, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था और गंदे पानी का निस्तारण समेत अन्य कार्य कराए जा रहे हैं। यह कार्य 443 ग्राम पंचायतों पर पूरे हो चुके हैं। ऐसे में अब शासन की ओर से अक्तूबर माह की जारी की गई रैंकिंग में बुलंदशहर को पहला स्थान प्राप्त हुआ है। इस पर विभागीय अधिकारी और कर्मचारी गदगद हैं। डीपीआरओ का दावा है कि जिले के सभी गांवों को प्रदेश में सबसे पहले मॉडल बनाने का प्रयास है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के अलावा ग्राम प्रधानों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
जिले की सभी ग्राम पंचायतों को मॉडल बनाने का काम जारी है। प्रयास किया जा रहा है कि सभी 946 ग्राम पंचायतों को प्रदेश में सबसे पहले मॉडल बना दिया जाए। 443 गांव मॉडल बन गए हैं, जिसके आधार पर शासन से जारी की गई रैंकिंग में बुलंदशहर को पहला स्थान मिला है। - डाॅ. प्रीतम सिंह, जिला पंचायती राज अधिकारी