बहनों को बसों की छत पर बैठकर करना पड़ा सफर
बुलंदशहर/खुर्जा/सिकंदराबाद। बहनों ने जान जोखिम में डालकर बृहस्पतिवार को बसों की छत पर बैठकर सफर किया। पूरे दिन बहनें रोडवेज की बसों से लेकर डग्गामार वाहनों तक में लटकी नजर आईं। परिवहन निगम ने त्योहार पर यात्रियों को राहत देने के लिए 30 अतिरिक्त बसों का संचालन करने के साथ फेरे बढ़ाने का दावा किया लेकिन धरातल पर इसका कोई असर नहीं दिखा।
भूड़ चौराहा : सुबह से शाम तक 10 हजार से अधिक यात्री खड़े रहे। सर्वाधिक यात्री अलीगढ़, बदायूं और दिल्ली मार्ग के रहे। भूड़ चौराहे पर रोडवेज बसों के न रुकने पर यात्रियों को मजबूरन निजी बसों और डग्गामार वाहनों में सफर करना पड़ा। पुरुषों के साथ महिलाओं ने भी बस की छत पर जोखिम भरा सफर किया।
शिकारपुर बाईपास : सड़कों के किनारे यात्रियों की भीड़ खड़ी नजर आई। यात्रियों को बसों का इंतजार करते देखा गया। बसों की संख्या कम होने और देरी से आने पर डग्गामार वाहनों में सफर करना पड़ा। कोई बस आती तो उसमें बैठने के लिए यात्री उमड़ पड़ते। डग्गामार वाहनों में छत पर बैठकर और खिड़की पर खड़े होकर यात्री सफर करते नजर आए।
खुर्जा : खुर्जा डिपो ने 10 अतिरिक्त बसों का संचालन कर यात्रियों को राहत देने का दावा किया था। रोडवेज बस अड्डे पर यात्रियों को बस नहीं मिली। मजबूरन यात्रियों को डग्गामार वाहन या निजी बसों में सफर करने को मजबूर होना पड़ा। शिकारपुर, पहासू व जेवर आदि क्षेत्र के गांवों के लिए वाहन न मिलने पर यात्रियों को पैदल ही सफर करना पड़ा। रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों की भारी भीड़ नजर आई। ट्रेनें भूसे की तरह भरी रहीं।
सिकंदराबाद : सुबह से शाम तक यात्री सड़कों पर खड़े होकर बस का इंतजार करते नजर आए। बस आने पर उसमें चढ़ने को लेकर यात्रियों में धक्का-मुक्की भी हुई तो बहनों को खड़े होकर दुश्वारियों भरा सफर तय करना पड़ा। सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र में करीब 25 हजार से अधिक कर्मचारी कार्य करते हैं। अधिकांश कर्मचारी प्रदेश के अन्य जनपदों, दूसरे प्रदेशों के रहने वाले है। जिन्हें अपने घर जाने में परेशानी हुई।
एआरएम बुलंदशहर डिपो परमानंद ने बताया कि भूड़ चौराहे पर टीआई की ड्यूटी लगाई जाएगी, जिससे रोडवेज बस में यात्रियों को सफर कराया जा सके। अन्य रूटों पर भी बसों का संचालन करवाया जाएगा। यात्रियों को परेशानियां न हों इसके प्रयास किए जाएंगे।