दुष्कर्म के दोषी पवन को सात वर्ष की मिली सजा
बुलंदशहर। सिकंदराबाद कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले में 14 जून 2013 को 15 वर्षीय किशोरी के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी पवन को अपर सत्र न्यायाधीश/पॉक्सो अधिनियम प्रथम ध्रुव राय के न्यायालय ने दोषी करार दिया है। न्यायालय ने अभियुक्त को सात वर्ष कारावास व दो हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी वरुण कुमार कौशिक ने बताया कि सिकंदराबाद कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी महिला ने 14 जून 2013 को कोतवाली में तहरीर दी। जिसमें उसने बताया कि सुबह करीब पांच बजे उसकी 15 वर्षीय पुत्री घर के बाहर झाड़ू लगा रही थी। इस दौरान मोहल्ला निवासी आरोपी युवक पवन वहां पहुंचा और उनकी पुत्री को अपहरण कर अपने साथ ले जाने लगा। पीड़िता के विरोध करने पर आरोपी ने हथियार दिखाकर पीड़िता को डरा धमका दिया। पुलिस ने मामले में तहरीर के आधार पर आरोपी पवन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। साथ ही पीड़िता की पुत्री को भी बरामद कर लिया। पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। साथ ही न्यायालय ने अब आरोपी को दोषी मानते हुए सात वर्ष कारावास व दो हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में गवाह के रूप में वादिया, पीड़िता, डा. मधु शर्मा, कांस्टेबल मंजू, प्रिंस कुमार शर्मा, रिटायर्ड उपनिरीक्षक मोहम्मद शकील खां को पेश किया गया।