बुलंदशहर में सक्रिय मरीज 1000 के पार, बंद हो सकते हैं जिम-स्वीमिंग पूल
बुलंदशहर। जिले में कोरोना बेकाबू हो चला है। तीसरी लहर में पहली बार बुधवार को दो स्वास्थ्य कर्मी, चार बच्चे, 26 किशोर समेत 235 संक्रमित मरीज मिले। सबसे अधिक मरीज शहर के अलग-अलग मोहल्लों में पाए गए हैं। इस तरह अब जिले में एक्टिव केसों की संख्या बढ़कर 1,039 हो गई है, जबकि उपचार के दौरान तीन मरीज स्वस्थ भी हुए हैं। सक्रिय मरीजों की संख्या एक हजार के पार होने के साथ ही आज से पाबंदियां बढ़ सकती हैं। जिम व स्वीमिंग पूल बंद हो सकते हैं। सिनेमा हॉल व रेस्टोरेंटों का संचालन भी आधी क्षमता के साथ करना होगा।
जिले में कोरोना संक्रमण तेज गति से फैल रहा है। कोरोना के लगातार मिल रहे मरीजों ने पिछले वर्ष इन्हीं दिनों के आंकड़ों को तोड़ दिया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बुधवार शाम को आई जांच रिपोर्ट में 235 और लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें सबसे अधिक 78 मरीज शहर के अलग-अलग मोहल्लों में पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट के बाद 70 फीसदी से अधिक लोगों को होम आइसोलेशन में रखा गया है। जिले में भले ही मरीज तेजी से बढ़ रहे हो लेकिन कोविड नियमों का पालन होता कहीं पर दिखाई नहीं दे रहा है। एसीएमओ डॉ. रोहताश यादव ने बताया कि जिले में सर्वाधिक 78 बुलंदशहर, सिकंदराबाद में 35, खुर्जा में 24, अनूपशहर में 16, बीबीनगर में 11, गुलावठी, जहांगीराबाद व स्याना में दस-10, डिबाई में नौ, शिकारपुर व ऊंचागांव में आठ-आठ, अरनियां में छह, लखावटी व अगौता में चार-चार और दानपुर क्षेत्र निवासी दो व्यक्तियों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
संक्रमित लोगों में चार बच्चे व 26 किशोर
बड़े-बुजुर्गों की लापरवाही का खामियाजा बच्चों और किशोरों को भुगतना पड़ रहा है। इसके चलते छोटे बच्चों में संक्रमण बढ़ता जा रहा है। जिले में अब तक 12 दिन में दो से 15 साल तक के करीब 78 बच्चे और किशोर पॉजिटिव मिल चुके है। बुधवार को आरटीपीसीआर लैब से 155 और एंटीजन जांच में 79 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसमें चार शून्य से नौ वर्ष के तो 26 10 से 17 साल तक के किशोर शामिल हैं।
उम्र के अनुसार आंकड़े
उम्र का वर्ग पॉजिटिव
शून्य से दस 04
11 से 20 26
21 से 40 118
41 से अन्य 87
बिना लक्षण वाले संक्रमितों से तेजी से फैल रहा संक्रमण
बिना लक्षण वाले कोरोना संक्रमितों की वजह से जिले में संक्रमण का फैलाव और तेज हो गया है। वहीं फ्लू का मौसम होने के कारण सामान्य जुकाम-बुखार, खांसी जैसे लक्षण सभी को हैं। इन्हीं में कुछ लोग संक्रमित भी हैं। इनकी पहचान न होने और इनके द्वारा जांच न कराए जाने पर से सार्वजनिक स्थानों पर घूम रहे हैं। इस वजह से कोरोना की चेन बनती जा रही है। हालांकि कोरोना संक्रमित मिलने पर विभाग की टीम कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में जुटी हुई है और अब तक 50 फीसदी से अधिक कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग से जरिए मरीज खोजे जा चुके है। इसके अलावा जो सार्वजनिक स्थानों पर संक्रमित हुए हैं और कोई लक्षण नहीं आया, उनके बारे में किसी को पता नहीं हैं।
कोट =
घरों पर रहें और नियमों का पालन करें
कोविड नियमों का पूरी तरह पालन करें। घर से जरूरी कार्य होने पर स्वस्थ व्यक्ति ही बाहर निकलें। मास्क जरूर पहनें।
- डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ