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बेटी से दुष्कर्म की कोशिश का आरोपी पिता दोषी करार

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बेटी के साथ दुष्कर्म की कोशिश करने वाले पिता को कोर्ट ने सुनाई सजा
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बुलंदशहर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम डा. पल्लवी अग्रवाल के न्यायालय ने पत्नी के मायके जाने के बाद अपनी ही 12 वर्षीय मासूम पुत्री के साथ दुष्कर्म की कोशिश करने वाले आरोपी पिता को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने उसे 15 वर्ष सश्रम कारावास व 35 हजार रुपये अर्थदंड सुनाया है।
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विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि देहात कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने सात जुलाई 2019 को थाने में तहरीर दी थी। जिसमें उसने बताया था कि छह जुलाई 2019 को वह अपने मायके गई हुई थी। मायके से जब लौटी तो उसकी 12 वर्षीय पुत्री ने बताया कि उसके पिता ने उसके साथ छेड़छाड़ करते हुए दुष्कर्म की कोशिश की। पुलिस ने मामले में तहरीर के आधार पर आरोपी पिता अशोक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल की। साथ ही आरोपी के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में पेश कर दी थी। न्यायालय ने मामले में दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन कर आरोपी अशोक को दोषी माना है। साथ ही न्यायालय ने कहा कि अपराधी का अपराध न तो आर्थिक अक्षमता से जुड़ा है और न ही किसी प्रलोभन या दबाव से बल्कि यह अपराध दोष सिद्ध/ अभियुक्त की अति कलुषित मानसिकता का ही द्योतक है। 11 वर्ष दो माह की बच्ची के साथ उसके पिता ही लैंगिक अपराध करे तो उस बालिका की मानसिक दशा का अंदाजा भी लगाना संभव नहीं है। अपराधी के इस कृत्य से समाज के सर्वाधिक महत्वपूर्ण रिश्ते की नींव को ही हिला दिया है। ऐसी परिस्थिति में दोषी अभियुक्त किसी भी प्रकार की सहानुभूति का पात्र नहीं है। न्यायालय ने इसके बाद उसे 15 वर्ष सश्रम कारावास और 35 हजार रुपये अर्थदंड सुनाया है।
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