जनपद निवासी युवा पर्वतारोही ने एक बार फिर से परचम लहरा दिया है। एक महीने पहले गंगोत्री चोटी को फतेह करने निकली 21 सदस्यों की टीम में महज तीन ही मिशन पूरा कर सके। इनमें से जिले के भूपेश भी शामिल रहे। भूपेश ने गंगोत्री के अलावा रुद्रेगेरा को भी फतेह किया।
सबसे ऊंची चोटियों में शुमार गंगोत्री और रुद्रेगेरा को फतह करने के लिए 21 पर्वतारोही की टीम 28 मई को मिशन पर निकली थी। टीम में नगर के देवीपुरा निवासी युवा पर्वतारोही भूपेश कुमार पुत्र डॉ. मोमराज सिंह के अलावा दो विदेशी भी शामिल थे। 21 पर्वतारोहियों की टीम के महज तीन पर्वतरोही ही मिशन फतेह कर सके। इनमें से भूपेश के अलावा पश्चिम बंगला निवासी तपश और हरियाणा के प्रवीण कुमार रहे।
भूपेश और उनके दो साथियों ने 6577 मीटर ऊंची गंगोत्री और रुद्रेगेरा को एक माह की कड़ी मेहनत के बाद फतेह कर लिया। भूपेश ने 26 जून की सुबह पांच बजे गंगोत्री और सात बजे रुद्रेगेरा को फतेह किया। बता दें कि जनपद निवासी युवा पर्वतरोही इससे पहले भी कई ऊंचा चोटियों को फतेह कर चुके हैं। युवा पर्वतरोही भूपेश कुमार को इसके लिए कई पदक और सम्मान भी हासिल हो चुके हैं।
ऊंचाई छूने का है जुनून
कई ऊंची चोटियों को फतेह कर चुके भूपेश का सपना एवरेस्ट पर तिरंगा फहराना है। भूपेश ने बताया कि उन्हें ऊंचाई छूने का जुनून है। भूपेश का कहना है कि कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने चोटियों को फतह किया है। इनमें कई चोटियां ऐसी भी हैं, जहां भूपेश अपनी टीम के साथ पहुंचने वाले पहले पर्वतारोही रहे हैं।