कोविड गाइडलाइन का उल्लंघन करने पर 59 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
बुलंदशहर। कोरोना संक्रमण बढ़ने के साथ ही पुलिस ने एक बार फिर सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। मास्क ने पहनने व अन्य कोविड नियमों का उल्लंघन करने पर लोगों के खिलाफ महामारी अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की जा रही है। जिले के अलग अलग थानाक्षेत्रों में चेकिंग के दौरान 59 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई। कोतवाली नगर और कोतवाली देहात पुलिस ने चार मामले दर्ज करते हुए पांच नामजद समेत 34 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की हैं।
कोतवाली नगर में उपनिरीक्षक वीरेंद्र सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसमें बताया गया है कि सराफा बाजार में कुछ लोगों द्वारा धारा-144 लागू होने के बाद भी जानबूझकर शासन के दिशानिर्देशों का पालन न करना व काफी संख्या में बिना मास्क के एकत्र होकर खाली घूमकर भीड़ एकत्र की गई। इसके चलते कोरोना संक्रमण बीमारी के फैलने की आशंका बनी हुई है। मामले में विशाल और हिमांशु निवासी आवास-विकास प्रथम को नामजद किया गया है। वहीं दूसरी ओर उपनिरीक्षक संतोष कुमार द्वारा मोहल्ला कसाईवाड़ा निवासी फुरकान और 11 अज्ञात लोगों के खिलाफ महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। कोतवाली देहात में उपनिरीक्षक अजय प्रकाश द्वारा गांव सुनहेरा निवासी सुनील और 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ महामारी अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है।
अहार क्षेत्र के तीन अलग-अलग गांवों में पुलिस टीम ने मुंह पर मास्क नहीं लगाने पर महामारी अधिनियम के तहत 13 युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कियाहै। पुलिस टीम प्रभारी सत्यप्रकाश पाण्डेय ने बताया कि शासन के निर्देश पर पुलिस द्वारा अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने गांव पौटाबादशाहपुर में धारा 144 का उल्लघंन करने, सोशल डिस्टेंस का पालन न करने पर हरीश, होराम, चंद्रबली और लालचंद के खिलाफ और गांव मौहरसा निवासी मेघराज, मनवीर सिंह, दीपक व गांव खनौदा निवासी नरेश, राजू, सोमवीर, भीष्म, जयवीर और शिवम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। वहीं, उपनिरीक्षक प्रवेंद्र कुमार ने नरसेना के गांव मडियन कला निवासी तालेवर उर्फ राजू पुत्र रामपाल व छह अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
गुलावठी में कोरोना नियमों का पालन न करने पर दस दुकानदारों के खिलाफ महामारी अधिनियम में थाने में एसएसआई द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। एसएसआई प्रमोद कुमार ने बताया कि सैदपुर रोड पर वह गश्त पर थे तथा उस दौरान कुछ दुकानों एवं सब्जी ठेलों पर भीड़ लगी हुई थी। जिससे कोरोना महामारी फैलने की प्रबल संभावना बनी हुई थी। ये सभी दुकानदार अपनी-अपनी दुकानों व ठेलों पर बिना मास्क के थे तथा जानबूझकर सरकार के नियमों की अनदेखी कर रहे थे।