प्रवीण ने बिगड़ते पर्यावरण को बचाने का उठाया बीड़ा
बुलंदशहर। जनपद में कुछ ऐसे लोग भी हैं, जो बड़ी खामोशी और शिद्दत से प्रकृति को नई जिंदगी देने में लगे हुए हैं। नगर निवासी प्रवीण कुमार पिछले तीन वर्षों से नर्सरी में पौधे तैयार कर 11 हजार से अधिक लोगों को निशुल्क वितरित कर चुके हैं। साथ ही स्वयं भी एक हजार से अधिक पौधे रोपित कर चुके हैं। वहीं, पर्यावरण बचाने के लिए अब एक संस्था बनाकर सेवा में दिन-रात जुटे हुए हैं।
नगर के रेसकोर्स कॉलोनी निवासी प्रवीण कुमार पुत्र सुरेंद्र पाल सिंह तेवतिया पर्यावरण प्रेमी हैं। ग्रेजुएट की पढ़ाई करने के बाद खेतीबाड़ी में हाथ बंटाने के अलावा अंग्रेजी माध्यम के एक स्कूल का संचालन कर रहे हैं। प्रवीण कुमार ने बताया कि वह बॉलीवुड अभिनेता धर्मेंद्र के फैन हैं और अक्सर उनसे मुलाकात करते रहते हैं। तीन वर्ष पूर्व बॉलीवुड अभिनेता धर्मेंद्र कुमार से उनके फॉर्म हाउस पर मिलने गए। फॉर्म हाउस पर काफी संख्या में पौधे लगे देखने पर वर्ष 2018 में परिवार की आजीविका चलाने के लिए चोला स्टेशन के पास गांव नगला बंशी में नर्सरी खोली।
वर्ष 2020 में कारोबार शुरू होता इससे पूर्व कोरोना काल शुरू हो गया और सभी के कारोबार पूर्णतया बंद हो गए। कोरोना काल के दौरान पर्यावरण में सुधार देखने को मिला। वहीं, पर्यावरण को बचाने के लिए पौधों की बिक्री न कर जनहित में लोगों को निशुल्क वितरित करने शुरू कर दिए। बताया कि जनपद का वायु प्रदूषण अधिकांश समय बढ़ा रहता है। कोरोना काल के दौरान बिना कुछ किए वायु प्रदूषण में काफी बदलाव देखने को मिला। जो पर्यावरण के चलते हुआ। इसी बात से प्रभावित होकर नर्सरी में रखे पौधे को निशुल्क वितरण करना शुरू कर दिया। बताया कि पर्यावरण मनुष्य के साथ जीव-जंतुओं का भी है। उन्होंने लोगों से पर्यावरण बचाने में सहयोग की मांग की है। जिससे मनुष्यों के साथ जीव-जंतु भी खुशहाल जीवन जी सके।
प्रवीण कुमार ने बताया कि अभिनेता धर्मेंद्र के वह बचपन से प्रशंसक रहे हैं। नर्सरी बनाने का आइडिया अभिनेता के घर से शुरू हुआ। संस्था अभिनेता के नाम से बनाई और ब्रह्मा वृक्षदान धर्म फाउंडेशन संस्था गठित की। जिसमें दोस्तों को भी शामिल कर टीम का गठन किया।
संस्था में 165 सदस्य शामिल हैं। बताया कि संस्था का गठन करने के बाद से अब तक 11 हजार से अधिक पौधे लोगों को निशुल्क वितरित कर चुके हैं। वितरित किए गए पौधे में अधिकांश रेडिएशन कम करने वाले पौधे शामिल हैं। फाइकस का पौधा घर में लगा हो तो सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। घर में फैली रेडिएशन को खींचकर फाइकस कम करता है और ऑक्सीजन रिलीज करता है। साथ ही घर की नमी भी बनाए रखता है। फाइकस के अलावा पांडा, चंपा, चांदनी, गुड़हल समेत अन्य पौधे वितरित कर चुके हैं।
संस्था में 165 सदस्य शामिल हैं। जो प्रतिदिन एक-एक रुपया जमा करते हैं। इस प्रकार वर्ष में एक सदस्य द्वारा 365 रुपये जमा किए जाते हैं। इन रुपयों से पौधे तैयार किए जाते हैं। वहीं, पौधे तैयार करने में आने वाला खर्चा कम पड़ने पर प्रवीण कुमार स्वयं वहन करते हैं। जो वह खेती और संचालित हो रहे स्कूल में से वहन करते हैं।