बुलंदशहर के परिषदीय स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग नहीं है शौचालय
बुलंदशहर। जिले के दर्जनों परिषदीय स्कूलों में छात्राओं के लिए शौचालय की अलग से व्यवस्था नहीं है। इसका खुलासा प्रेरणा एप पर मांगी जा रही सूचना से हुआ।
जनपद में बेसिक शिक्षा विभाग के 2399 परिषदीय स्कूल हैं। इनमें 2.40 लाख बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। इनमें लगभग एक लाख छात्राएं भी शामिल हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत सभी स्कूलोें में शौचालय भी बनवाए गए। आदेश जारी हुआ था कि प्रत्येक स्कूल में छात्र और छात्राओं के शौचालय अलग-अलग बनवाए जाएं। हालांकि स्कूलों में शौचालयों का निर्माण तो हो चुका। लेकिन अब प्रेरणा एप पर मांगी जा रही सूचनाओं ने अव्यवस्था की पोल खोल दी है। स्कूल में छात्राओं के लिए शौचालय की अलग से व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में प्रतिदिन छात्राओं को परेशानी उठानी पड़ती है। बताया यह भी जा रहा है कि जिस समय शौचालयों का निर्माण करवाया गया था तो उस समय जिम्मेदारों ने भी इस अव्यवस्था की ओर ध्यान नहीं दिया। यदि उसी समय ध्यान दिया जाता तो यह समस्या आड़े नहीं आती।
प्रधानों ने बनवाए हैं शौचालय
बता दें कि परिषदीय स्कूलों के शौचालय गांव के विकास की राशि से प्रधानों ने बनवाए थे। इनके निर्माण पर गांव को मिली 14वें वित्त आयोग की राशि खर्च की गई है। लेकिन इनके निर्माण आदि में लापरवाही बरती गई, जो समय-समय पर उजागर होती रही है।
शासन ने प्रेरणा एप के माध्यम से स्कूलों की जरूरतों की जानकारी मांगी है। स्कूलों में जो भी कमियां हैं उन्हें दूर किया जाएगा। प्रयास रहेगा कि जिस स्कूल में शौचालय निर्माण में लापरवाही वहां की समस्या को हल किया जाए। - अखंड प्रताप सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, बुलंदशहर