अब कागजों के जंजाल से मुक्ति, ऑनलाइन मिलेंगे स्टांप
बुलंदशहर। जाली और फर्जी स्टांप को रोकने के लिए स्टांप आयुक्त ने स्टांप की ऑनलाइन बिक्री का आदेश जारी कर दिया है। इसको लेकर जनपद में तैयारी भी शुरू कर दी गई है। बृहस्पतिवार को एक उपभोक्ता को ई-स्टांप देकर योजना का शुभारंभ किया गया। वहीं, भविष्य में न्यायालय की कोर्ट फीस भी ई-स्टांप द्वारा ही जमा होगी।
आए दिन जाली और फर्जी स्टांप की सूचनाएं संज्ञान में आती रहती हैं। सूबे के हजारों स्टांप वेंडर स्टांप की बिक्री करते हैं, जिसमें पारदर्शिता नहीं रह पाती थी। कई मामलों में बैैक डेट के स्टांप भी मंहगे बिकते थे। जिसमें भी घालमेल की पूरी आशंका बनी रहती थी। अब प्रदेश सरकार ने सूबे में इन सब पर प्रतिबंध लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आयुक्त स्टांप विभाग के अफसरों ने बताया कि कागज के स्टांप की छपाई और कागज की खरीद पर सरकार के कई सौ करोड़ रुपये खर्च हो जाते हैं, लेकिन ई-स्टांप की बिक्री से इस रकम को किसी अन्य काम में लगाया जा सकता है। बताया कि अब एक निजी कंपनी को पूरे प्रदेश का ई-स्टांप बेचने का ठेका दे दिया है। इसके जरिए सभी स्टांप वेंडर को जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अफसरों ने बताया कि फिलहाल कागज के स्टांप जिसके पास रखे हैं, वह बेच सकते हैं। खत्म होने के बाद उसे ई-स्टांप ही बेचने होंगे।
स्टांप वेंडर करेंगे कंपनी के एजेंट के रूप में काम
सहायक आयुक्त स्टांप एसके सिंह ने बताया कि स्टांप वेंडर का रोजगार खत्म न हो, इसके लिए भी व्यवस्था की गई है। इसके लिए सभी स्टांप वेंडर को कंपनी के एजेंट के रूप में काम करना होगा। जब भी वेंडर आवेदन करेगा, उसको लाइसेंस मुहैया कराया जाएगा। वेंडर को 0.11 प्रतिशत तक एक स्टांप पर कमीशन दिया जाएगा। इसके लिए वेंडर को अपने पास कंप्यूटर, प्रिंटर और स्केनर लगाना जरूरी है।
रिचार्ज सा होगा वेंडर और कंपनी का रिश्ता
कंपनी और वेंडर का रिश्ता प्रीपेड रिचार्ज जैसा रहेगा। बताया कि अगर वेंडर ने एक लाख रुपये तक कंपनी के खाते में डलवा रखे हैं तो कंपनी वेंडर को एक लाख तक के ही स्टांप मुहैया कराएगी। स्टांप खत्म होने के बाद वेंडर को कंपनी के खाते में फिर से पैसे डलवाने होंगे। तभी वह दोबारा स्टांप बेच सकेगा।
कोट
आईजी स्टांप आयुक्त ने ई-स्टांप की बिक्री पर जोर दिया है। बृहस्पतिवार को एक उपभोक्ता को 23,500 रुपये के ई-स्टांप देकर योजना का शुभारंभ जनपद में कर दिया गया है। जल्द ही कागजों के स्टांप के स्थान पर ई-स्टांप ही दिए जाएंगे। - एसके सिंह, सहायक आयुक्त स्टांप