डाक विभाग के मार्केटिंग अधिकारी पर गिरी गाज, रोका गया वेतन
बुलंदशहर। नगदी लेने के बाद बिना एंट्री और स्कैनिंग के डाक वितरण करने के मामले में मार्केटिंग अधिकारी पर गाज गिर गई। मार्केटिंग अधिकारी को पद से हटाते हुए संबंधित अधिकारी के वेतन पर भी अफसरों ने रोक लगा दी है। वहीं, बुधवार को पब्लिक रिलेशन इंस्पेक्टर के बाद खजांची के अफसरों ने बयान दर्ज किए।
नगर के डीएवी इंटर कॉलेज स्थित डाकघर में अक्तूबर के माह में बिना एंट्री और स्कैनिंग के डाक (आर्टीकल) बांटने का मामला अफसरों की पकड़ में आया था। मामला समाचार पत्रों की सुर्खियां बनने पर तीन माह बाद अचानक पब्लिक रिलेशन इंस्पेक्टर व मार्केटिंग अधिकारी ने मंगलवार को अपने बयान दर्ज कराए थे। जिनके बाद अवकाश पर चल रहे खजांची संदीप बुधवार को कार्यालय पहुंचे और जांच अधिकारी को अपने बयान दर्ज कराए। डाक (आर्टीकल) का रुपया गबन करने के आरोपी पब्लिक रिलेशन इंस्पेक्टर व मार्केटिंग अधिकारी सतवीर सिंह ने बयान के दौरान बताया था कि उन्होंने शार्ट हुई डाक (आर्टीकल) का शुल्क खजांची के पास जमा कराया था। जिस दिन डाक आई, उस दिन पैसा खजाने में जमा नहीं कराया गया। जांच अधिकारी ने बयान दर्ज कर रिपोर्ट तैयार कर दी है। वहीं, डाक इंस्पेक्टर सभी के बयानों के बाद पूरी रिपोर्ट तैयार कर डाक अधीक्षक को सौंपेंगे। डाक अधीक्षक रिपोर्ट का अवलोकन कर आगे की कार्रवाई तय करेंगे। वहीं, मामले की जांच अंतिम चरण में पहुंचने के दौरान आरोपी पब्लिक रिलेशन इंस्पेक्टर व मार्केटिंग अधिकारी को पद से हटा दिया गया है। साथ ही उनका वेतन रोकने के भी आदेश जारी कर दिए गए हैं। वहीं, मार्केटिंग अधिकारी की डायरी भी जांच के लिए डाक अधीक्षक ने तलब की है। वहीं, मार्केटिंग अधिकारी का यह कारनामा इन दिनों डाक विभाग में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि उनकी सेवानिवृति में बहुत कम समय बचा है।
केएस यादव, डाक अधीक्षक बुलंदशहर - प्रथम दृष्टया लापरवाही मिलने पर पब्लिक रिलेशन इंस्पेक्टर/मार्केटिंग अधिकारी को पद से हटा दिया गया है। साथ ही उनका दिसंबर माह का वेतन रोकने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।