यूपी के बुलंदशहर में फरवरी माह तक ईंट-भट्ठों को बंद करने के दिए आदेश
बुलंदशहर। एनजीटी ने अब फरवरी माह तक ईंट-भट्ठों को बंद करने का आदेश जारी किया है। जिसके चलते सभी विभागों द्वारा कराए जा रहे विकास कार्य रुक गए हैं। इसमें जिला पंचायत और अन्य निर्माण दायी विभाग भी शामिल हैं। वहीं, ईट-भट्ठा स्वामियों को भी करोड़ों की चपत लग रही है।
जनपद में इस समय करीब 375 ईट-भट्ठे मौजूद हैं। जिनमें से 250 ईट-भट्ठों पर जिगजैग प्रणाली लागू हैं। लेकिन इसके बाद भी सभी ईट-भट्ठे बंद पड़े हैं। जिसके कारण भट्ठा स्वामियों को करीब एक से डेढ़ करोड़ रूपये का नुकसान सहन करना पड़ रहा है। वही, बिना ईटों के जनपद में होने वाले सभी संबंधित कार्य रूके हुए हैं। विकास कार्यों के नाम पर कुछ भी नहीं हो रहा है। ईट-भट्ठा बंद होने से परेशान लोग बदांयू, संभल और अलीगढ़ से ईंट मंगवाकर काम चला रहे हैं। जिसके कारण ईंट के दाम भी काफी बढ़ गए हैं। इस समय बाहर से मंगवाई गई अव्वल ईटों के दाम 6 हजार रूपये से कम नहीं हैं। वहीं, दोयम 5200 और सोयम का रेट 3200 से कम नहीं है। अगर विभागों के ईट के रेट देखे तो वह इससे बहुत कम रेट ठेकेदार को दे रहें हैं। जिसके कारण कोई भी ठेकेदार काम लेने और करने में इंटरेस्ट ही नहीं दिखा रहा है। एक ठेकेदार ने बताया कि इतनी मंहगी ईट खरीदने के बाद सबकुछ अपनी जेब से ही लगाना पड़ जाएगा। इससे तो बेहतर है कि बिना काम के ही रह लिया जाए। एक भट्ठा संचालक हरिओम शर्मा ने बताया कि एनजीटी के आदेश पर भट्ठे बंद पड़े हैं। इस वजह से लेबर भी खाली बैठी हैं। लेबर को बैठाकर खिलाना पड़ रहा है। इससे काफी नुकसान हो रहा है। वहीं, औरंगाबाद स्थित भट्ठे के मालिक संतराम गुप्ता ने बताया कि इस समय भट्ठों पर एक भी ईट नहीं है। इसपर भी लेबर खाली बैठी हुई है। इससे बहुत ही ज्यादा नुकसान हो रहा है। बताया कि बीते दिनों से ईट-भट्ठा बंद होने से सभी का नुकसान मिलाएं तो एक से डेढ़ करोड़ से अधिक का है। अब तक तो यह आदेश जनवरी तक का था, लेकिन एनजीटी ने आदेश अब फरवरी तक का कर दिया है। पता नहीं इस नुकसान से उबर पाएंगे या नहीं।
मनोज कुमार सिंघल, एडीएम वित्त एवं राजस्व - एनजीटी के आदेश का अनुपालन करना ही होगा। प्रदूषण बढ़ने के कारण एनजीटी के आदेश है कि फरवरी तक ईट भट्ठे बंद रखे जाए।
संजय गोयल, मीडिया प्रभारी जनपद ईंट निर्माता समिति - एनजीटी के आदेश के बाद बंद हुए ईट-भट्ठों से भट्ठा स्वामी भारी नुकसान में हैं। पहले एनजीटी ने 30 जनवरी को ईट-भट्ठों के खुलने का आदेश दिया था। जिगजैग प्रणाली वाले भट्ठों को ही खोलने का आदेश दे दे तो काफी हद तक आराम मिल जाएगा।