यूपी के बुलंदशहर की ऑफीसियल साइड पर नहीं पूरी हैं सामान्य जानकारियां
आशीष शुक्ला
बुलंदशहर। एक ओर केंद्र और प्रदेश सरकार सभी सरकारी कार्याें में पारदर्शिता लाने के लिए आंकड़ों को ऑनलाइन लाने की बात करती है। वहीं, दूसरी ओर जनपद की सरकारी साइट अपडेट ही नहीं है। इतना ही नहीं प्रदेश स्तर तक के इमरजेंसी नंबर साइट पर पुराने ही दर्शाए गए हैं। ऐसे में किसी को जनपद में आना हो या कोई आंकड़ा जनपद की साइट से उठाना होे तो आपको किसी से पूछना पड़ेगा। साइट के चक्कर में आपको गच्चा खाना पड़ सकता है।
सरकारी तंत्र आखिरकार सरकारी ही होता है, सरकार के लाख दावों के बाद भी तंत्र में सुधार नहीं देखने को मिलता है। एक ओर प्रदेश सरकार सभी विभागों को ऑनलाइन करने की बात कह रही है। वहीं दूसरी ओर जनपद के सरकारी वेबसाइट बुलंदशहर.एनआईसी.इन देखने पर पता चलता है कि जिलाधिकारी की फोटो और एसएसपी और सीडीओ के नाम व नंबर के अलावा काफी समय से यह साइट अपडेट ही नहीं हुई है। साइट के आंकड़ों की बात करें तो जनपद का गौरवशाली इतिहास सिर्फ पांच लाइनों में ही सीमित है। इसके अलावा नाम और आंकड़े तो बिल्कुल ही चौंकाने वाले हैं। उत्तर प्रदेश साइट में उदार प्रदेश तो द किसान सहकारी शुगर मिल अनूपशहर को सहकारी चीनी मिल जहन्निराबाद (जहांगीराबाद) लिखा हुआ है। अब आंकड़ों की बात करें तो यूपी पुलिस का नंबर जो पूर्व में 100 था। उसको बदले हुए भी एक माह से ऊपर का समय हो गया है। पुलिस विभाग के अफसर कार्यक्रमों में लोगों को लगातार बता रहे हैं कि अब पुलिस का नंबर 100 नहीं 112 है, लेकिन बदलाव के बावजूद जनपद की आधिकारिक साइट पर 100 नंबर का जलवा बरकरार है। बात सिर्फ जनपद की नहीं पड़ोस के जनपदों में भी यही स्थिति है। जनपद हापुड़ और गाजियाबाद की साइट पर भी पुलिस का नंबर अभी 100 प्रदर्शित हो रहा है।
वेबसाइट पर अफसरों के नंबर आदि पूर्व में अपडेट कराए गए थे। वेबसाइट की कमियां और आंकड़ों को चेक कराकर उन्हें अपडेट कराने के निर्देश अफसरों को दिए जा रहे हैं।
- रविंद्र कुमार, जिलाधिकारी बुलंदशहर