आयुष्मान योजना में शामिल होंगे निजी अस्पताल
बुलंदशहर। आयुष्मान योजना में जनपद के अन्य निजी अस्पतालों को शामिल किया जाएगा। सांची संस्था से आदेश मिलने पर स्वास्थ्य अफसर तैयारियों में जुट गए हैं। ये अस्पताल खुर्जा, डिबाई और नगर क्षेत्र के जोड़े जाएंगे। अब तक सिर्फ पांच निजी अस्पताल इस योजना से जुड़े हैं।
बता दें कि लाभार्थियों के लिए प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना बीमारियों में काफी सहायक साबित हो रही है। योजना में अभी तक नगर के पांच निजी अस्पताल जुड़े हुए हैं। वहीं, नगर के दो, खुर्जा के दो और सिकंदराबाद का एक सरकारी चिकित्सालय भी जुड़ा हुआ हैं। नगर को छोड़ अन्य क्षेत्रों में निजी अस्पताल योजना से जुड़े न होने पर लाभार्थियों को इलाज के लिए जिला मुख्यालय पर आना पड़ता था। मरीजों को इस समस्या को गत माह कितनी सुधरी सेहत अभियान के तहत अमर उजाला में प्रकाशित किया गया। जिसे संज्ञान में लेकर अफसरों ने उच्च अफसरों को समस्या का समाधान कराने को पत्र लिखा। जानकारी के अनुसार नगर समेत जनपद में करीब पांच से अधिक निजी अस्पतालों को जोड़ने के लिए सांची द्वारा कवायद शुरू कर दी गई हैं। अब जनपद के स्वास्थ्य अफसरों को विशेषज्ञ चिकित्सकों और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अस्पतालों का चयन करना है। इसके अलावा जनपद के प्रत्येक ब्लॉक क्षेत्र पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को भी योजना से जोड़ा जाएगा।
अभी यह अस्पताल जुड़े हैं योजना से
जनपद में अभी तक सरकारी चिकित्सालयों में बाबू बनारसी दास (जिला अस्पताल) बुलंदशहर, जिला महिला अस्पताल बुलंदशहर, राजकीय महिला अस्पताल खुर्जा, जटिया अस्पताल खुर्जा और सिंकदराबाद संयुक्त चिकित्सालय शामिल हैं। जबकि निजी अस्पतालों में ग्लोबल हॉस्पिटल, राना हॉस्पिटल, ओजस आई केयर सेंटर, शांतिदीप और अमेयश शामिल हैं। जिसमें से अमयेश अस्पताल पर वर्तमान में योजना के लाभार्थी का उपचार करने पर सांची द्वारा रोक लगा रखी हैं। निजी अस्पताल सभी नगर में स्थित हैं। नगर को छोड़ अन्य स्थानों पर निजी अस्पताल योजना से जुड़ते हैं तो योजना में शामिल पात्र लाभार्थियों को काफी राहत मिलेगी।
कोट
आयुष्मान योजना में वर्तमान में पांच सरकारी और चार निजी अस्पताल लाभार्थियों का उपचार कर लाभ दे रहे हैं। जल्द ही जनपद के पांच से अधिक निजी अस्पतालों को योजना से जोड़े जाने के लिए तैयारियों को शुरू कर दिया गया है। - डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ