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बुलंदशहर में चिकन पॉक्स से बच्ची की मौत, कोहराम

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बुलंदशहर में चिकन पॉक्स से बच्ची की मौत, कोहराम
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बुलंदशहर/अनूपशहर। जनपद में एक ओर जहां बुखार से पीड़ितों की लंबी फेहरिस्त है और करीब 13 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, अब चिकन पॉक्स ने भी जनपद में दस्तक दे दी। अनूपशहर में बीमारी की चपेट में आई तीन वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। बीमारी से इस बार जनपद में यह पहली मौत है। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग सजग हो गया है।
पिछले काफी दिनों से जनपद में वायरल के साथ बच्चों से लेकर बड़ों तक बुखार की चपेट में हैं। यही कारण है कि बीमारी से पीड़ित लोग रोजाना सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। मरीजों की अस्पताल में लंबी लाइन भी देखी जा सकती है। बुखार से जनपद में अब तक लगभग 13 की मौत हो चुकी है। अब बुखार के साथ जनपद में चिकन पॉक्स ने भी दस्तक दे दी है। इस बीमारी की चपेट में आकर कस्बा अनूपशहर के मोहल्ला मीरा निवासी रेहान की तीन वर्षीय बेटी एमन की मौत हो गई। बच्ची की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। रेहान ने बताया कि करीब 20 दिन पहले बुखार आया था। उपचार के बाद एमन ठीक हो गई थी। उसके बाद वह अपनी ननिहाल भड़कऊ तहसील स्याना चली गई थी। तभी उसके शरीर में दाने निकलने शुरू हो गए थे, जो धीरे-धीरे बढ़ते रहे। एमन के चिकन पॉक्स निकलने पर उसे अनूपशहर ले आए जहां उपचार चल रहा था। शुक्रवार तड़के एमन की मौत हो गई।
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मौसम का बदला मिजाज बिगाड़ रहा सेहत
मौसम के बदले मिजाज के चलते लोगों की सेहत लगातार बिगड़ रही है। कभी गर्मी तो कभी ठंडक का अहसास होने से बच्चों से लेकर बड़ों तक बुखार की चपेट में हैं। इसके चलते अस्पतालों में मरीजों की लाइन लगी हुई है। जिला अस्पताल की बात करें तो शुक्रवार को 1600 से अधिक पर्ची कटी और इसमें से सबसे अधिक लगभग 900 मरीज बुखार से पीड़ित थे। वहीं, दूसरी ओर निजी चिकित्सकों के यहां भी बुखार से पीड़ित इलाज के लिए पहुंचे। अधिक बुखार से पीड़ित अस्पतालों में भी भर्ती हैं।
अपंजीकृत चिकित्सक काट रहे चांदी, विभाग बेखबर
जनपद में बुखार आदि बीमारी को देखते हुए अपंजीकृत चिकित्सक भी चांदी काट रहे हैं। इससे विभाग बेखबर है। अपंजीकृत चिकित्सक ग्रामीण क्षेत्र में अपनी दुकानों में दवा रखकर मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ भी कर रहे हैं। ऐसा नहीं है कि विभाग की ओर से समय-समय पर ऐसे अपंजीकृत चिकित्सक पर कार्रवाई के लिए अभियान चलाने की बात कही गई। बावजूद इसके अभी तक कोई पहल नहीं की गई है और विभाग की ढील का ही नतीजा है कि अपंजीकृत चिकित्सक इलाज के नाम पर मोटी कमाई कर रहे हैं।
कोट
मृतक बालिका के परिजनों से मिलकर जानकारी ले ली है। बच्ची को चिकन पॉक्स था और इसी के चलते उसकी मौत हुई है। इससे बचने के लिए लोगों को साफ-सफाई और खानपान में सावधानी बरतनी चाहिए। -डॉ. रमाकांत, प्रभारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अनूपशहर।
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बच्ची की मौत चिकन पॉक्स से होने की जानकारी मिल गई है। यदि किसी को इसके लक्षण हैं तो वह सरकारी अस्पताल पहुंचकर इलाज करवाए। साथ ही बुखार की शिकायत को नजरंदाज न करें। तुरंत चिकित्सक की सलाह से दवा लें। अपंजीकृत चिकित्सक पर शिकंजा कसने के लिए जल्द ही अभियान चलाया जाएगा। - डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ, बुलंदशहर।
मनोज कुमार-
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