बाल कल्याण समिति ने नाबालिग की शादी रुकवाई
बुलंदशहर। सिकंदराबाद क्षेत्र में नाबालिग की शादी कराने का मामला सामने आया है। सूचना के पर बाल कल्याण समिति पुलिस को साथ लेकर मौके पर पहुंची और शादी रुकवाई। इसके बाद समिति ने किशोरी के परिजनों से बालिग होने पर ही शादी कराने का शपथ पत्र लिया है।
18 वर्ष की आयु से पहले बेटा या बेटी की शादी रोकने के लिए भले ही प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन गांवों में अभी भी लोग बेटियों की जल्द शादी करना चाहते हैं। मंगलवार को सिकंदराबाद क्षेत्र के एक गांव में किशोरी की शादी करने की सूचना मिली तो बाल कल्याण समिति की टीम मौके पर पहुंची। जब परिजनों से किशोरी के आयु संबंधी साक्ष्य मांगे गए तो परिजन कोई साक्ष्य पेश नहीं कर सके। इस दौरान टीम ने किशोरी के परिजनों को समझाया और बताया कि 18 वर्ष की आयु से पहले शादी करना गैर कानूनी है। अब किशोरी की काउंसिलिंग करने के बाद टीम परिजनों के सुपुर्द करेगी।
पूर्व में भी रुकवाई थी दो किशोरी की शादी
मई माह में पिछले दिनों सिकंदराबाद क्षेत्र के दो गांवों में किशोरी की शादी कराने का मामला सामने आया था। इस दौरान टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों किशोरी की शादी रुकवाई और परिजनों की काउंसिलिंग की थी। साथ ही परिजनों से भी शपथ पत्र लिए थे कि वह 18 वर्ष की आयु से पहले बेटी की शादी नहीं करेंगे।
समिति ने एक माह में तीन नाबालिग बेटियों की शादियां रुकवाई है। परिजनों से शपथ पत्र लिए हैं। यदि वह बालिग होने से पहले शादी करेंगे तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बेटियों को शिक्षित करें और बालिग होने के बाद ही शादी करें। - डॉ. अंशु बंसल, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति