आठ माह से बंद ईंट भट्ठों की चिमनियों में एक मार्च से धुआं निकलना शुरू हो जाएगा। वायु और जल प्रदूषण की रोकथाम से संबंधित एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) प्राप्त कर चुके 271 भट्ठों का एक मार्च से संचालन शुरू हो जाएगा। वहीं समय से पहले या बिना एनओसी के भट्ठों का संचालन करने पर कार्रवाई की जाएगी। इनका संचालन 30 जून तक होगा। इस संबंध में जिलाधिकारी ने बुधवार को आदेश जारी कर दिए हैं।
जिलेभर में करीब 400 ईंट भट्ठे हैं। इनमें 300 के करीब जिगजैग वाले भट्ठे शामिल हैं। दो वर्ष पूर्व सर्वोच्च न्यायालय ने एक मार्च से 30 जून तक ईंट भट्ठों का संचालन करने का आदेश जारी किया था। इसके बाद बारिश होने पर इनका संचालन बंद करवा दिया जाता है।
विभागीय अफसरों के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन कराने के लिए भट्ठा संचालकों को एनओसी लेने के निर्देश दिए गए। संचालकों को भट्ठे में जल और वायु प्रदूषण रोकने के लिए पर्याप्त इंतजाम करने होंगे। इसके बाद ही उन्हें एनओसी जारी की जाएगी।
अवर अभियंता एसपी सिंह ने बताया कि एनजीटी के आदेश पर जिन भट्ठों को एनओसी जारी की गई है, वही संचालित होंगे। बिना एनओसी वाले भट्ठों को सीज कर जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाएगी। जनपद ईंट निर्माता समिति के सचिव अनिल गर्ग ने बताया कि वर्तमान में अधिकतर भट्ठों पर ईंटों की कमी है। भट्ठों का संचालन शुरू होने से संचालक नई ईंटों को पका सकेंगे। इसके बाद ईंटों की किल्लत दूर होगी और दामों में कमी आएगी।
इन तहसीलों में इतने भट्ठों को मिली सहमति
तहसील का नाम - भट्ठों की संख्या
बुलंदशहर - 51
अनूपशहर - 39
सिकंदराबाद - 38
डिबाई - 37
शिकारपुर - 37
स्याना - 36
खुर्जा - 33
कुल - 271
Iजिले में एक मार्च से 30 जून तक ईंट भट्ठों का संचालन किया जाएगा। जिन भट्ठों को एनओसी जारी की गई है, वही संचालित होंगे। बिना एनओसी वालों को सीज कर जुर्माना लगाया जाएगा। - उत्सव शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्डI