नगर निकायों में 15 हजार वोटर फर्जी पाए गए हैं। फर्जी मतदाताओं का नाम सूची से हटा दिया गया है।
जनपद की सभी निकायों में मतदाताओं की संख्या 6.15 लाख थी, जो अब घटकर 6 लाख रह गई है। निकाय क्षेत्रों में चलाए गए अभियान में 25 हजार मतदाताओं ने नाम और पते में संशोधन किया गया। 1.20 लाख नए मतदाताओं को नाम सूची में शामिल किया गया है। करीब इतने ही वोटरों का नाम सूची से काटा गया है।
कुल मिलाकर बुलंदशहर, गुलावठी, सिकंदराबाद, अनूपशहर, जहांगीराबाद, स्याना, डिबाई, ककोड़, बुगरासी, खानपुर, अरनिया, पहासू आदि क्षेत्र में 15 हजार वोटर फर्जी पाए गए हैं। इन फर्जी मतदाताओं का नाम एक से अधिक निकायों में दर्ज थे। सहायक निर्वाचन अधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि अपलोडिंग का काम 18 अगस्त को पूरा हो जाएगा। अब तक की रिपोटिंग में करीब 15 हजार वोटर फर्जी पाए गए हैं।
2.50 लाख मतदाताओं के पास नहीं वोटर कार्ड
जनपद में 2.50 लाख मतदाताओं के पास वोटर कार्ड ही नहीं है। यह वह नए मतदाता हैं, जिन्होंने मतदाता पुनरिक्षण कार्यक्रम में मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया था। निर्वाचन अफसरों का कहना है 60 हजार वोटर कार्ड आयोग ने भेजे हैं। जल्द ही वोटर्स के पास कार्ड पहुंचा दिए जाएंगे।
डुप्लीकेट वोट पकड़ेगा सॉफ्टवेयर
बुलंदशहर। विधानसभा चुनाव से सॉफ्टवेयर डुप्लीकेट वोटर की तलाश करेगा। सॉफ्टवेयर की मदद से एक समान नाम और पिता के नाम वाले वोटर क्लिक करते ही कंप्यूटर की स्क्रीन पर आ जाएंगे। इससे सही और गलत वोटर के नाम अलग करने में आसानी रहेगी।
विधानसभा चुनाव के दौरान दिसंबर माह में निर्वाचन आयोग ने बुलंदशहर जनपद में 4.15 लाख डुप्लीकेट वोटरों की लिस्ट जिला निर्वाचन कार्यालय में भेजी थी। डुप्लीकेट वोटरों को चिंहित करने का तरीका ठीक न होने से सरकारी मशीनरी को जनपद में महज 6998 वोटर डुप्लीकेट मिले।