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एक और मिला ब्लैक फंगस का संदिग्ध मरीज

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एक और मिला ब्लैक फंगस का संदिग्ध मरीज
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बुलंदशहर। जनपद में ब्लैक फंगस का एक और संदिग्ध मरीज सामने आया है। जिसे उपचार के लिए मेरठ मेडिकल रेफर किया गया। वहीं, जिला अस्पताल की इमरजेंसी में इससे पूर्व भी दो मरीजों को संदिग्ध ब्लैक फंगस बता तीन चिकित्सकों की टीम द्वारा रेफर किया जा चुका है। हालांकि अभी तक किसी भी मरीज में पुष्टि होने की सूचना नहीं मिली है।
सिकंदराबाद तहसील क्षेत्र निवासी 33 वर्षीय युवक 28 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव आया था, जिसे होम आइसोलेट किया गया था। समय-समय पर जांच कराने के दौरान युवक की करीब 20 दिन बाद रिपोर्ट निगेटिव आई। जिसके बाद से युवक के आधे शरीर पर सूजन होने के साथ दांत में दर्द, आंख में दर्द और गले में दर्द होने लगा।
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चार दिन तक दर्द से परेशान रहा मरीज, शिकायत के बाद भी नहीं पहुंचा कोई
युवक ने यह समस्या जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम पर दी, लेकिन चार दिन तक न तो किसी का जवाब आया और न ही युवक को देखने कोई गांव पहुंचा। दर्द बर्दाश्त न होने पर युवक किसी तरह रविवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचा। इसकी सूचना अस्पताल प्रशासन को दी गई। ब्लैक फंगस के संदिग्ध मरीज की सूचना पर सीएमएस द्वारा गठित तीन सदस्यीय विशेषज्ञ की टीम (नेत्र चिकित्सक, ईएनटी और चर्म रोग विशेषज्ञ) द्वारा जांच की गई। तीनों विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा युवक में ब्लैक फंगस की संभावना जता उच्च संस्थान को रेफर कर दिया। मेरठ पहुंचने के बाद भी मेडिकल कॉलेज में युवक को सोमवार शाम तक भर्ती नहीं किया गया।
मेरठ जाने के बाद भी भटक रहे मरीज
बुलंदशहर जनपद में ब्लैक फंगस के उपचार को लेकर अभी तक कोई सुविधा नहीं हैं। संदिग्ध मरीज होने पर संबंधित को मेरठ मेडिकल या हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। सिकंदराबाद क्षेत्र निवासी 33 वर्षीय युवक का कहना है कि मेरठ मेडिकल प्रशासन द्वारा लगातार समय दिया जा रहा है। रविवार से सोमवार शाम तक भी भर्ती नहीं किया गया। अब मंगलवार सुबह को दोबारा आने की बात कह रहे हैं। युवक का आरोप है कि वार्ड में बेड खाली होने के बाद भी भर्ती नहीं किया जा रहा है।
ठीक होने के बाद शासन से करूंगा शिकायत
ब्लैक फंगस के संभावित मरीज ने बताया कि उसे यह बीमारी अधिक नहीं बढ़ती अगर जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम से उसे समय से मदद मिल गई होती। घर में कोई अन्य सदस्य न होने पर वह लगातार चार दिन से कंट्रोल रूम के नंबरों पर कॉल कर रहा था, लेकिन किसी ने भी समस्या का समाधान नहीं किया, बल्कि एक-दूसरे पर टालते रहे। जिसकी शिकायत स्वस्थ होने पर शासन को पत्र भेजकर करूंगा।
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रविवार को सिकंदराबाद क्षेत्र निवासी एक युवक द्वारा लक्षण बताए जाने पर चिकित्सकों द्वारा ब्लैक फंगस की आशंका व्यक्त की गई है। मरीज को मेरठ रेफर कर दिया गया है। उसे अभी तक इलाज मिला या नहीं इसकी जानकारी नहीं है। युवक की पूरी डिटेल जिला प्रशासन और अपर निदेशक को भेज दी गई है।
डॉ. राजीव प्रसाद, सीएमएस
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