गोशाला में गोवंश की दुर्दशा पर भाकियू महाशक्ति ने किया हंगामा
बुलंदशहर। औरंगाबाद स्थित कान्हा गोशाला में बीमार गोवंश लगातार दम तोड़ रहे हैं। रविवार को भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत कार्यकर्ताओं ने गोशाला पहुंचकर हंगामा किया। उन्होंने गोवंश की सही से देखभाल करने की मांग की। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि अफसरों की अनदेखी से ही गोवंश की जान जा रही है।
कान्हा गोशाला को लेकर दावे होते आए हैं कि यहां पर संरक्षित गोवंश के लिए सभी सुविधाएं हैं। इस गोशाला का संचालन नगर पालिका औरंगाबाद कर रही है। शनिवार को गोशाला में बीमार गोवंश और अव्यवस्थाओं की फोटो और वीडियो वायरल हुई थी। आरोप है कि यहां पर गोवंश को न तो पर्याप्त चारा है और न ही जरूरी व्यवस्थाएं हैं। इस लापरवाही को अमर उजाला ने रविवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया। रविवार को भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठा. धर्मेंद्र सिंह कार्यकर्ताओं के साथ गोशाला में बीमार गोवंश का हाल जानने पहुंचे। उन्होंने यहां अंतिम सांस ले रहे बीमार गोवंश और अव्यवस्थाओं की फोटो और वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल की। उन्होंने आरोप लगाया कि गोशाला का गेट नहीं खोला गया। नगर पालिका का कर्मचारी जिम्मेदारी से पीछे हटते नजर आया। उसका कहना था कि सरकार प्रति गोवंश 30 रुपये प्रति दिन के हिसाब से देती है, यह राशि बहुत कम है। धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि गोशाला में बीमार गोवंश धूप में खड़े थे और कुत्ते उनके आसपास थे। उन्होंने अव्यवस्थाओं के संबंध में जब क्षेत्र के एसडीएम से फोन पर अवगत करवाया तो उनका भी कहना था कि मैं क्या करूं, आपके साथ भेज दूं। इस पर भाकियू कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने जिला प्रशासन से उक्त कर्मचारी को हटाने के साथ गोवंश के बेहतर संरक्षण की मांग की है। इस दौरान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विक्की गौड़, पंकज वर्मा, बंटी सिंह, जितेंद्र लोधी, राजकुमार और अरुण कुमार आदि मौजूद रहे।
सीएम से की गोशालाएं बंद करने की अपील
भाकियू महाशक्ति के राष्ट्रीय महासचिव धर्मेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गोशालाएं न चलाने की मांग की है। उन्होंने मांग उठाई है कि गोवंश का गोबर 25 रुपये किलो खरीदना शुरू करवा दें। लोग गोवंश को पालेंगे तो उनका संरक्षण भी अच्छा होगा। गोशालाओं में हो रही बेकद्री और मौत का सिलसिला भी रुक जाएगा। उन्होंने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इस ओर ध्यान देने का आह्वान किया है।
69 लाख जारी होने के बाद भी स्थिति बदहाल
बुलंदशहर। जनपद में संचालित निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों (गोशालाओं) में रोजाना अव्यवस्थाओं की पोल खुल रही है। यहां संरक्षित गोवंश के लिए चारा, पानी और दवा की कोई व्यवस्था नहीं। यह स्थिति तब है जब शासन से प्राप्त हुई 69 लाख की राशि गोशालाओं को आवंटित की जा चुकी है।
जनपद में ग्रामीण और निकाय क्षेत्रों में 154 गोशालाएं संचालित हैं। यहां पर अफसर दस हजार से अधिक गोवंश संरक्षित होने की बात कर रहे हैं। जब से गोशालाएं संचालित हुई हैं, तब से लेकर अब तक ऐसा कोई दिन होगा, जिस दिन अव्यवस्थाओं की पोल नहीं खुली हो। वर्तमान की की बात की जाए तो अधिकतर गोशालाओं में चारा और पानी के साथ बीमार गोवंश के लिए दवा तक का इंतजाम नहीं है। गोवंश की मौत हो रही है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी/नोडल अधिकारी डॉ. लक्ष्मी नारायण का कहना है कि जनपद की सभी गोशालाओं में व्यवस्थाओं को सुधारा जा रहा है। औरंगाबाद की कान्हा गोशाला में बीमार गोवंश का इलाज करने के लिए दो टीम भेजी गई हैं। गोवंश के लिए चारे आदि की व्यवस्था की जा रही है। शासन से जो हाल ही में 69 लाख की राशि मिली है उससे गोशालाओं में मार्च माह तक हुए खर्च का भुगतान किया गया है।