बुलंदशहर। बारिश के साथ डेंगू के खतरे को देखते हुए जिले का स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया हैं। मरीजों के उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में 10 बेड का विशेष वार्ड आरक्षित किया जाएगा जबकि सभी सीएचसी में पांच-पांच बेड आरक्षित रखे जाएंगे। फिलहाल जिले में जांच के दौरान डेंगू का कोई मरीज नहीं मिला है लेकिन विभाग ने संभावित स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी कर ली है।
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के अनुसार जुलाई से सितंबर के बीच डेंगू के मामले बढ़ने की आशंका रहती है। इसे देखते हुए विभाग अभी से अलर्ट हो गया है। सीएमओ ने सभी चिकित्सा प्रभारियों को डेंगू-मलेरिया व टायफाइड लक्षण के आने वाले मरीजों की ब्लड जांच करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संचारी रोग अभियान के तहत चल रहे दस्तक अभियान के दौरान लोगों को पानी का जलभराव न होने देने की सलाह दे रहे हैं। वहीं, मरीजों के मिलने से पूर्व बेड आरक्षित किए जाने को तैयारियां शुरू कर दी है। जिला चिकित्सालय में डेंगू मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड को आरक्षित किया जाएगा। यहां पर 10 बेड के वार्ड में प्रत्येक बेड पर मच्छरदानी लगवाई जाएगी। मरीजों की संख्या बढ़ती है तो इनकी संख्या बढ़ा दी जाएगी। वहीं, प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी डेंगू मरीजों के इलाज को लेकर व्यवस्था की जाएगी। सभी जगह मरीज के भर्ती होने पर उनकी नियमित निगरानी की जाएगी।
कोट
पिछले वर्ष डेंगू व मलेरिया मरीज के गांव में निगरानी की जाएगी। डेंगू-मलेरिया से बचाव के लिए प्रत्येक सीएचसी पर पांच-पांच और प्रत्येक पीएचसी पर दो-दो बेड आरक्षित किए जाएंगे। इसको लेकर निर्देश दिए गए हैं। - डॉ. सुनील कुमार दोहरे, सीएमओ