बुलंदशहर। इस बार भीषण गर्मी के लिए तैयार रहें। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो मार्च के अंत तक तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। यदि ऐसा हुआ तो इसका सीधा असर गेहूं के उत्पादन पर पड़ेगा।
पिछले करीब तीन साल से मार्च में ही गर्मी शुरू हो जा रही है। इन सालों में माह के अंत तक तापमान 35 डिग्री पार पार रहा लेकिन इस बार बीते सालों का रिकार्ड टूटने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिक डाॅ. विवेकराज के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय तो हो रहे हैं लेकिन सशक्त पश्चिमी विक्षोभ नहीं बन पा रहा है। इस कारण अच्छी बारिश नहीं हो पा रही। सर्दी के दिनों में भी अच्छी बारिश नहीं हुई, जिस कारण इस बार ठंड जल्द खत्म हो गई। उन्होंने बताया कि ग्लोबल वार्मिंग और प्रतिवर्ष बढ़ रहे प्रदूषण का असर मौसम पर दिखाई दे रहा है।
सोमवार को दिनभर मौसम साफ रहा। मौसम शुष्क रहने के चलते अधिकतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आर्द्रता 29 फीसदी और हवा की गति छह किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास रही। अब लगातार तापमान में इजाफा होने की संभावना बन रही है। मंगलवार को भी तापमान 27 और न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
तापमान बढ़ा तो कम होगा उत्पादन : रामकुमार यादव
जिला कृषि अधिकारी रामकुमार यादव के अनुसार तापमान बढ़ने का असर गेहूं की फसल पर पड़ रहा है। यदि तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया तो इसका सीधा असर गेहूं के उत्पादन पर पड़ेगा। पिछले तीन सालों से मार्च में ही गर्मी का असर बढ़ने से गेहूं का उत्पादन कम हो रहा है।
पिछले चार वर्षों में तीन मार्च को तापमान
वर्ष अधिकतम न्यूनतम तापमान
2022 26 13 डिग्री सेल्सियस
2023 32 17 डिग्री सेल्सियस
2024 24 11 डिग्री सेल्सियस
2025 27 14 डिग्री सेल्सियस